- सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों के चौथे पे-रिविजन पर चर्चा।
- नेशनल काफ्रेडेशन आफ आफिसर्स एसोसिएशन की नेशनल एक्सीक्यूटिव काउंसिल की बैठक दिल्ली में सम्पन्न।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। नेशनल काफ्रेडेशन आफ आफिसर्स एसोसिएशन की नेशनल एक्सीक्यूटिव काउंसिल की बैठक डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर, जनपथ, नई दिल्ली में हुई। एनसीओए की इस बैठक की शामिल एनसीओए के कार्यकारी अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार बंछोर ने बताया कि इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उपक्रमों के अधिकारियों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गयी।
इस बैठक में एनसीओए के कार्यकारी अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार बंछोर सहित अध्यक्ष एमएस अडसुल, महासचिव जी अनिल कुमार, चेयरमेन गर्वनिंग काउंसिल वी.के. तोमर, संगठन सचिव कुसुमा राजशेखर, सचिव महिला कल्याण गीता सुनातकरी, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार, सेफी महासचिव संजय आर्या, सेफी सह-सचिव केवीडी प्रसाद, सेफी सदस्य अबकाश बेहरा आदि उपस्थित रहे।
सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों के चौथे पे-रिविजन पर चर्चा
विदित हो कि केन्द्र सरकार ने आठवें केन्द्रीय वेतन आयोग का गठन कर दिया है। एनसीओए टीम ने लोक उद्यम विभाग (डीपीई) के अधिकारियों के साथ पूर्व में ग्रेच्युटी वृद्धि एवं चौंथे पीआरसी पर हुई चर्चा की इस बैठक में जानकारी साझा की।
23 अक्टूबर 2025 को अध्यक्ष श्री एम. एस. अदासुल, कार्यकारी अध्यक्ष श्री एन. के. बन्छोर तथा चेयरमैन गर्वनिंग काउंसिल वी. के. तोमर ने संयुक्त सचिव/आर्थिक सलाहकार, डीपीई से मुलाकात की थी। आगामी चौथे पीआरसी की प्रक्रिया में एनसीओए की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की थी। एनसीओए प्रतिनिधियों ने घाटे में चल रहे सीपीएसई में तीसरे पे-रिविजन को लागू करने तथा चौथे पीआरसी के गठन के संबंध में भी चर्चा की थी।
संयुक्त सचिव/आर्थिक सलाहकार ने अवगत कराया था कि चौथे पीआरसी के गठन की प्रक्रिया हेतु तैयारियां की जा रही है। इन सभी चर्चाओं की जानकारी नेशनल एक्सीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में दी गई।
एनईसी की बैठक में तीसरे पे-रिविजन में अफोर्डेबिलिटी क्लॉज की समीक्षा कर उसे चौथे पीआरसी से हटाने का एक सुर में प्रस्ताव पारित किया गया। पदाधिकारियों ने बताया गया कि चौथे पीआरसी के गठन के बाद इस विषय पर प्रतिनिधित्व किया जाएगा, और पूर्व के पे-रिविजन से संबंधित इन मुद्दों का समुचित समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
पदाधिकारियों ने हार्डशिप एलाउंस, इन्क्रिमेंटल पीआरपी, पीएसयू अधिकारियों को केन्द्र सरकार के अधिकारियों के समकक्ष टैक्स छूट, सीपीएफ ब्याज पर टैक्स की सीमा बढ़ाने, बढ़ी हुई ग्रेच्यूटी पर टैक्स छूट जैसे मुद्दों को एनईसी के समक्ष रखा।
हार्डशिप एलाउंस (Hardship Allowances)
स्टील, पावर, उर्वरक, केमिकल एवं अन्य हजार्डस सार्वजनिक उपक्रमों में तीसरे पे-रिविजन में कठिनाई भत्ते के अंतर्गत शामिल नहीं किया गया था। इस कमी को दूर करते हुए चौथे पीआरसी में इन्हें विधिवत शामिल कराने हेतु एनसीओए प्रयास करेगा।
इंक्रीमेंटल पीआरपी
इंक्रीमेंटल पीआरपी के लिए द्वितीय पे-रिविजन आदेश में वर्तमान वित्तीय वर्ष के लाभ की तुलना पिछले वित्तीय वर्ष के लाभ से की गई है, जिसे चौथे पे-रिविजन में संशोधित किया जाना आवश्यक है।
चौथे पीआरसी में इंक्रीमेंटल प्राफिट लाभ बनाम लाभ (Profit Vs Profit) के स्थान पर PBT बनाम PBT (Profit Before Tax Vs Profit Before Tax) होना चाहिए।
पीएसयू अधिकारियों को केन्द्र सरकार के अधिकारियों के समकक्ष टैक्स छूट
एन.सी.ओ.ए. नेशनल एक्सीक्यूटिव काउंसिल की इस बैठक में काउंसिल ने केन्द्र शासन के द्वारा बी.एस.एन.एल. व एम.टी.एन.एल. के पुर्नउद्धार हेतु किये जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की तथा अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के प्रस्तावित निजीकरण के प्रयासों पर अपनी असहमति जताते हुए इससे राष्ट्र को होने वाली संभावित क्षति पर भी सारगर्भित चर्चा की।
इस बैठक में केन्द्र सरकार के कार्मिकों की तुलना में सार्वजनिक क्षेत्र के कार्मिकों पर टैक्स के अधिक भार के कारण उत्पन्न भेदभाव को समाप्त करने की मांग पर चर्चा हुई। विदित हो कि केन्द्रीय कार्मिकों को आवास के लिए नोशनल परक्यूसीट टैक्स, कार लोन,, एजुकेशन लोन, होम लोन इत्यादि पर टैक्स में अधिक छूट प्राप्त है जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के कार्मिकों को इन सभी मदों पर टैक्स में समान छूट प्राप्त नहीं है।
एनईसी बैठक में सीपीएफ ब्याज पर टैक्स जो वर्तमान में 2.5 लाख रूपये से अधिक ब्याज पर लिया जाता है, उसे बढ़ाकर 5 लाख ब्याज की सीमा करने हेतु वित्त मंत्रालय व प्रधानमंत्री कार्यालय में अपील करने पर चर्चा हुई।
इस बैठक के दौरान सदस्यों ने एक बार फिर उन घाटे में चल रहे सीपीएसई के लिए ग्रेच्युटी वृद्धि का मुद्दा उठाया, जिन्होंने अभी तक तीसरा पीआरसी लागू नहीं किया है। एनसीओए ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रेच्युटी का अधिकार वेतन संशोधन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। एनसीओए ने डीपीई से अनुरोध किया था कि सभी सीपीएसई के लिए ग्रेच्युटी की सीमा ₹25 लाख तक बढ़ाने हेतु एक पृथक आदेश जारी किया जाए।
विदित हो कि डीपीई के तीसरे पे-रिविजन की दिशानिर्देश के अनुरूप डीए 50 प्रतिशत से अधिक होने के कारण ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख से बढ़कर 25 लाख हो गयी है। डीपीई द्वारा 29 अक्टूबर को डीए बढ़ने का आदेश सभी पीएसयू के लिए लागू हुआ जिसमें 51.8 प्रतिशत डीए 2017 पे-स्केल के लिए प्रभावी हुआ है।
एनके बंछोर ने कहा कि ग्रेच्यूटी की बढ़ी हुई 5 लाख की राशि पर टैक्स को शून्य करवाने हेतु श्रम मंत्रालय से एनसीओए अपील करेगा। साथ ही ग्रेच्यूटी की सीमा जिन सार्वजनिक उपक्रमों में तीसरा पे-रिविजन लागू नहीं होने के कारण अभी भी 20 लाख है, उसे 25 लाख करवाने हेतु श्रम मंत्रालय से आवश्यक परिपत्र जारी करने हेतु अनुरोध किया जाएगा।
ईपीएस-95 हायर पेंशन
पदाधिकारियों ने ईपीएस-95 हायर पेंशन पर ईपीएफओ द्वारा सुप्रीम कोर्ट के 04 नवम्बर 2022 के आदेश की अवहेलना पर एनसीओए द्वारा श्रम मंत्रालय में अपना विरोध दर्ज कराने की जानकारी एनईसी सदस्यों को दी गई। कार्यकारी अध्यक्ष श्री एन. के. बन्छोर ने बताया कि पूर्व में सेफी टीम ने माननीय श्रममंत्री श्री मनसुख मांडविया जी को दिल्ली में आयोजित बैठक में सेल में ईपीएस-95 हायर पेंशन पर उत्पन्न विवाद से विस्तारपूर्वक अवगत कराया था।
मंत्री ने सेफी के बातों को बड़े धैर्य के साथ सुनने के पश्चात इसकी गंभीरता को संज्ञान लेते हुए ईपीएफओ के केन्द्रीय उच्च अधिकारियों को तत्काल इस विषय पर विस्तृत बैठक आयोजित करने हेतु निर्देशित किया था।
ईपीएफओ के उच्च अधिकारियों से आयोजित इस बैठक में ईपीएफओ की ओर से रमेश कृष्णमूर्ति, सीपीएफसी के सीईओ, चंद्रमौली चक्रवर्ती, अतिरिक्त केंद्रीय पीएफ आयुक्त (मुख्यालय-सम्मेलन, समन्वय, सीएआईयू, छूट, आईडब्ल्यूडी, पीक्यू, पेंशन) और अपराजिता जग्गी, अतिरिक्त केंद्रीय पीएफ आयुक्त (पेंशन, समन्वय एवं सम्मेलन, योजना एवं नीति) विशेष रूप से उपस्थित थे।
लेकिन इस बैठक का कोई सार्थक परिणाम अभी तक नहीं आया है। एनसीओए पदाधिकारियों ने कहा कि लगभग सभी सार्वजनिक उपक्रमों के कार्मिकों एवं पूर्व कार्मिकों ने न्यायालयों में शरण ली है। अभी तक न्यायालयों के फैसले लगभग कार्मिकों के पक्ष में ही आए हैं। एनसीओए टीम इस मुद्दे पर अपना प्रयास विभिन्न माध्यमों से जारी रखेगी। यह आश्वासन इस बैठक दिया गया।











