- रेल मिल में इंज्यूरी फार्म नहीं भरने का मामला धीरे-धीरे बढ़ने लगा है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के रेल मिल की समस्याओं का समाधान बहुत जरूरी है। साथ ही सेफ्टी पर बहुत ध्यान देने की जरूरत है। कहीं, ऐसा न हो कि सेफ्टी टॉक खानापूर्ति बनकर रह जाए। यह बातें सीटू नेताओं ने सीजीएम रेल मिल दस्तीदार से की है।
सीटू नेताओं ने मीटिंग में कहा कि अधिकांश अनुभागों में सेफ्टी टॉक केवल खानापूर्ति बनकर रह गया हैं, जिसमें फोटो खींचा जाता है और अपलोड कर दिया जाता है। रेल मिल मे असुरक्षित कार्य बढ़ गया है। कार्यपालक निदेशक संकार्य द्वारा लगातार सेफ्टी के ऊपर बातों को रखा जाता है।
वहीं, बातें विभाग प्रमुख के द्वारा अनुभाग प्रमुखों के सामने कही जाती है, जिससे प्रेरित होकर अनुभाग प्रमुख काम करने के रोज नए-नए तरीके बता रहे हैं। किंतु काम करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रैक्टिस एवं स्टैंडर्ड मेंटेनेंस प्रैक्टिस होता है, जिसे फिर से लिखा जाना जरूरी है, ताकि बदले हुए परिस्थितियों में लिखित डॉक्यूमेंटेशन के आधार पर काम किया जा सके। इससे होने वाले घटनाएं एवं दुर्घटनाओं को धीरे-धीरे करके कम अथवा खत्म किया जा सकेगा।
वहीं, रेल मिल में इंज्यूरी फार्म नहीं भरने का मामला धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। इस पर मुख्य महाप्रबंधक ने कहा कि किसी भी घटना को छुपाया नहीं जाना है। अर्थात दुर्घटना का रिपोर्ट करते हुए पहले में मेडिकल पोस्ट में ले जाने के बाद ही घायल कामगार को प्लांट से बाहर भेजा जाना है।
इसके अलावा मिल के अंदर चोरी की घटनाएं भी तेजी से बड़ी है यह मामला भी सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, क्योंकि चोरी के नियत से आया हुआ चोर अपने आप को बचाने के लिए कर्मी पर हमला भी कर सकता है, जो कर्मी के असुरक्षा स्थिति में डाल सकता है।
कैंटीन व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया जाए
सीटू की टीम ने कहा कि प्रबंधन के अधिकारी एवं मान्यता यूनियन के साथ कैंटीन मैनेजिंग कमेटी का निर्माण किया जाता है, जिसकी जिम्मेदारी कैंटीन व्यवस्था को दुरुस्त करके रखना होता है। किंतु मौजूदा समय में कैंटीन की व्यवस्था चरमरा रही है, क्योंकि कैंटीन का टेंडर होते समय दो या तीन ठेकेदार सभी कैंटीनों को उठा लेते हैं।
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स्वयं ना चला कर उन कैंटीनों को पेटी ठेकेदारों पर दूसरे लोगों को चलाने के लिए दे दिया जाता है। कभी-कभी तो यह पेटी ठेकेदार दो से तीन स्तर तक नीचे आ जाता है, जिसके कारण न्यूनतम लाभ कमाने के चक्कर में क्वालिटी बद से बद्तर होनी शुरू हो जाती है, जिस पर उच्च प्रबंधन सहित रेल मिल प्रबंधन को अंकुश लगाना चाहिए।
कैंटीन कर्मियों द्वारा लगातार कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले सामने आ रहे है, जिस पर प्रबंधन ने तत्काल कार्यवाही करने एवं पूरी तरह से अंकुश लगाने का आश्वासन दिया।
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
संयोजक (रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल) कृष्ण कुमार देशमुख के मुताबिक सीटू की टीम ने अधिकारियों के व्यवहार को लेकर सवाल उठाते हुए मिल के अधिकारी पर दुर्व्यवहार करने का सीधा आरोप लगाया। सभी पुलपिटों में कांच की सफाई समयबद्ध जिम्मेदारी तय किया जाए, ताकि रोलिंग के समय रोलिंग फील्ड स्पष्ट रूप से देख सकें।
रेल मिल में कई जगह पर एवं पैनल पर बारिश के समय में पानी गिरता है, जिसका अभी से रिपेयर करवाने की आवश्यकता है। इस पर महाप्रबंधक ने उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।
सीटू नेता ने कहा कि सीटू द्वारा उठाए गए कोई भी मुद्दे नए नहीं है। किंतु इन पर उचित कदम उठाने से ही इनका समाधान निकाला जा सकता है। अन्यथा यह मुद्दे जस के तस बने रहेंगे।











