- ट्रांसफर के लिए परेशान हो रहे कर्मचारियों को राहत देने की मांग।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने सेल कार्पोरेट कार्यालय के अधिशासी निदेशक मानव संसाधन को पत्र लिखकर सीटीसी मीटिंग को हर हाल में तीन माह में बुलाने की मांग की है।
यूनियन ने पत्र में यूनियन ने लिखा है कि सेल कारपोरेट कार्यालय द्वारा कर्मियों के एक यूनिट से दूसरे यूनिट में ट्रांसफर के लिए सीटीसी गाइडलाइन जारी किया गया है। परंतु वर्तमान में उस गाइडलाइन का नियमतः पालन नहीं किया जा रहा है।
1 . सीटीसी की अनियमित बैठक
सीटीसी गाइडलाइन में प्रत्येक तीन माह में बैठक बुलाने का उल्लेख है। परंतु पिछले कई सालों से 9-12 माह में एक बैठक आयोजित की जा रही है, जिसके कारण कार्मिकों को ट्रांसफर के लि काफी इंतजार करना पड़ रहा है।
2 . सीटीसी आवेदनों पर समयबद्ध निर्णय नहीं लेना
सीटीसी आवेदन किए हुए सेल कार्मिको के द्वारा दिए गए रुझान के अनुसार कई कार्मिकों के आवेदन को बगैर कारण बताए वर्षों से लंबित रखा जा रहा है। साथ ही बगैर कारण बताए ही कई आवेदनों को रद्द कर दिया जा रहा है।
एक पारदर्शी व्यवस्था में यह ठीक व्यवस्था नहीं है। लंबित तथा रद्द आवेदनों का पूर्ण कारण सीटीसी हेतु बने केयर पोर्टल में अवश्य प्रदर्शित की जानी चाहिए, जबकि सीटीसी गाइडलाइन में आवेदन के प्रत्येक स्तर की मंजूरी देने का स्पष्ट गाइडलाइन बना हुआ है।
3 . टाइमलाइन प्रक्रिया का पालन नहीं होना
आवेदन को अग्रसारित करने की प्रक्रिया में सीसीएस की ड्राइवर (सेल कारपोरेट कार्यालय) स्तर पर ही लटकाया जा रहा है।
4 . सीटीसी पोर्टल (केयर/एचआरएमएस) पर सभी आवेदनों का स्टेटस डालने का उल्लेख सीटीसी गाइडलाइन में किया गया है। परंतु अपडेट या तो बहुत दिनों बाद किया जाता है या बहुत ही सिमित शब्दों में किया जाता है, जबकि नियमानुसार सभी अपडेट जैसे आवेदन रिजेक्ट का कारण, आवेदन रिजेक्ट करने वाले अधिकारी का नाम, पदनाम भी स्पष्ट अंकित होने चाहिए था।
5 . सीटीसी मीटिंग का मिनट्स जारी नहीं किया जाता है। जिसमें शामिल होने वाले अधिकारी के नाम/पदनाम का विवरण, कुल आवेदनो की संख्या, मंजूर आवेदनों का विवरण, लंबित आवेदनों का विवरण आदि दिए जाने चाहिए थे।
6 . सीटीसी गाइडलाइन के बिंदु संख्या 11 में कंपीटेंट अथॉरिटी के पदनाम तथा रोल का जिक्र है, जो E6 ग्रेड के आवेदन की मंजूरी या रिजेक्ट के लिए निदेशक कार्मिक तथा उससे उपर के ग्रेड के लिए चेयरमैन को कंपीटेंट अथॉरिटी बनाया गया है। यूनियन द्वारा यह विश्वास करना मुश्किल है कि अथॉरिटी द्वारा सहीं मानसिकता से निर्णय लिया जाएगा।
वहीं अथॉरिटी बगैर उचित कारण के एक ही नेचर के आवेदन को मंजूरी और रिजेक्ट नअइ कर सकते हैं। यूनियन ने मांग किया है कि सीटीसी रूट में बताए गई खाँमियों को निश्चित समय में दूर करें, समयबद्ध सीटीसी बैठक आयोजित करें, ताकि एक पारदर्शी प्रणाली सभी के लिए उपलब्ध हो।
सेल प्रबंधन अपने ही नियमों को नहीं मानता
सेल में कई मामलों का अध्ययन करने से एक बात स्पष्ट है कि नियमों के पालन की जगह उच्च अधिकारियों की मनमर्जी से नियमों की व्याख्या की जाती है। वेज रीविजन, बोनस सहित कई मामलों में यह प्रदर्शित भी हुआ है। अब तो यह सिद्ध हो रहा है कि सेल प्रबंधन अपने बनाए नियमों को भी नही मान रही है।
हरिओम, अध्यक्ष-बीएकेएस बोकारो











