- केवल पूंजी, मशीन व प्राकृतिक संसाधनों के द्वारा उत्पादन संभव नहीं है।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। 12 फरवरी को होने वाली हड़ताल के लिए बोकारो स्टील प्लांट में जन संपर्क अभियान को धार देते हुए इस्पात मजदूर मोर्चा सीटू की टीम सीसीएस विभाग के कास्टर में पहुंची।
मौके पर उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए युनियन के महामंत्री आर के गोरांई ने कहा कि वर्तमान उत्पादन व्यवस्था में संगठित श्रमिक वर्ग और किसान,हर प्रकार के उत्पादन, निर्माण व सेवा सृजन की मुख्य और अनिवार्य कारक (फैक्टर) है। इसके काम नहीं करने से पूरी उत्पादन व्यवस्था ठप हो जाती है।
केवल पूंजी, मशीन व प्राकृतिक संसाधनों के द्वारा उत्पादन संभव नहीं है। वर्तमान केन्द्र की मोदी सरकार अपने कॉरपोरेट आकाओं को दी गई चुनाव-पूर्व “मोदी -गारंटी” यानी “व्यापार करने में आसानी” सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, राहत, रियायतें, छूट और प्रोत्साहन प्रदान करने के अलावा एमडीओ आदि निजीकरण के विभिन्न तरीकों के माध्यम से राष्ट्रीय संपत्ति और संसाधनों को सौंपने के साथ-साथ, अगला विनाशकारी कदम 29 मौजूदा श्रम कानूनों को निरस्त निरस्त करते हुए उन्हें चार लेबर कोड में तब्दील कर दिया है।
मजदूर वर्ग के लंबे संघर्षों के माध्यम से हासिल किए गए इन श्रम कानूनों , खामियों के बावजूद कार्यस्थल के अधिकारों, मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण आदि के संदर्भ में श्रमिकों को जो कुछ भी कवरेज अभी उपलब्ध है, उसे 4 श्रम कोडों के माध्यम से छीनने की साजिश की जा रही है।
लेबर कोड के अंतर्गत-वेज,वर्कर, इम्प्लाय,ट्रेनी, एप्रेंटिस, सुपरवाइजर या मैनेजर, इस्टाब्लेस्मेंट जैसी विभिन्न परिभाषाएँ इस तरह से बदला गया है कि श्रमिकों के एक बड़े वर्ग को लेबर कोड से बाहर रखा जा सके।
कोड के कार्यान्वयन के लिए श्रमिकों के न्यूनतम संख्या की सीमा को इस स्तर तक बढ़ा दिया गया है कि नियोक्ता आसानी से सुरक्षा अधिकारी, कल्याण अधिकारी, कैंटीन, विश्राम कक्ष या भोजन कक्ष, एम्बुलेंस आदि दायित्वों से बच सकते हैं।श्रम विभाग द्वारा कार्यस्थल निरीक्षण के प्रावधान समाप्त कर दिए जाएंगे, जिससे कानूनों के खुलेआम उल्लंघन का रास्ता खुल जाएगा।
काम के घंटे, ओवरटाइम, साप्ताहिक विश्राम दिवस आदि से संबंधित पूरा मामला संबंधित राज्य सरकारों के अधीन कर दिया गया है, जिससे मजदूरों के संघर्षों द्वारा प्राप्त अधिकार बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सामाजिक परिवर्तन के संघर्ष में मज़दूरों और कर्मचारियों की अधिकतम भागीदार सुनिश्चित करेंगे और आगामी 12 फरवरी को होने जा रही देशव्यापी हड़ताल को मुक्कमल सफल करेंगे। विभागीय दौरा कार्यक्रम में शैलेश कुमार, संजय कुमार, मनोज शंकर,इश्तियाक अंसारी,देव कुमार, संजय अंबेडकर आदि शामिल रहे।











