- सीबीआई ने फील्ड वेरिफिकेशन, भौतिक निगरानी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से तमन्ना चकमा को गुवाहाटी (असम) से गिरफ्तार किया।
सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नेशनल प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NPCC Ltd.) से जुड़े मुआवजा बिलों के गबन मामले में लंबे समय से फरार चल रही दोषी तमन्ना चकमा उर्फ टैमी मे को गिरफ्तार कर लिया है।
सीबीआई के अनुसार, तमन्ना चकमा को मिजोरम के आइजोल स्थित विशेष न्यायालय द्वारा 17 मई 2024 को 22 अन्य आरोपियों के साथ दोषी ठहराया गया था, लेकिन वह फैसले के बाद से लगातार फरार चल रही थी।
2010 में दर्ज हुआ था मामला
सीबीआई ने यह मामला 30 दिसंबर 2010 को दर्ज किया था। शिकायत के आधार पर तत्कालीन एनपीसीसी लिमिटेड, सिलचर (असम) के जोनल मैनेजर यू.पी. मिश्रा सहित कुल छह लोगों के खिलाफ मुआवजा बिलों में कथित गबन का केस दर्ज किया गया था।
जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 31 जुलाई 2012 को 25 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें तमन्ना चकमा का नाम भी शामिल था।
ट्रायल के दौरान हुई फरार
मुकदमे की सुनवाई के दौरान तमन्ना चकमा अदालत में पेश नहीं हुई, जिसके चलते विशेष अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। ट्रायल के दौरान उसे पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन वह लंबे समय तक पकड़ से बाहर रही।
इसके बावजूद, ट्रायल पूरा होने के बाद अदालत ने 17 मई 2024 को 23 आरोपियों को दोषी करार दिया, जिनमें फरार आरोपी तमन्ना चकमा भी शामिल थी। फैसले के बाद भी वह अदालत में पेश नहीं हुई।
गुवाहाटी से हुई गिरफ्तारी
सीबीआई ने फील्ड वेरिफिकेशन, भौतिक निगरानी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के गहन विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए तमन्ना चकमा को गुवाहाटी (असम) के गीता नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई सीबीआई शिलांग टीम द्वारा की गई।
सीबीआई ने बताया कि गिरफ्तार दोषी को गुवाहाटी की सक्षम अदालत में ट्रांजिट रिमांड के लिए पेश किया जाएगा, जिसके बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए आइजोल, मिजोरम की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।











