- गंभीर मरीजों को या तो लंबा इंतजार करना पड़ता है या फिर निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ता है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट द्वारा संचालित सेक्टर-9 हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली अब सीधे आम जनता, विशेषकर बीएसपी कर्मचारियों, अधिकारियों और उनके परिवारों को प्रभावित कर रही है।
हॉस्पिटल में लगी सिटी हिताची 128 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन पिछले 6-7 दिनों से खराब पड़ी है, जबकि यह मशीन पहले भी अक्सर खराब होती रही है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हो रही है, जिन्हें कार्डियक एंजियोग्राफी, पलमोनरी एंजियोग्राफी और पेरीफेरल एंजियोग्राफी जैसी अत्यंत आवश्यक जांच की जरूरत होती है। रेडियोलॉजी विभाग की मुख्य सिटी हिताची 128 स्लाइस सीटी मशीन के बार-बार खराब रहने के कारण ये महत्वपूर्ण जांचें ठप हो जाती हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों को या तो लंबा इंतजार करना पड़ता है या फिर निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ता है।
वर्तमान में हॉस्पिटल के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग की सीटी स्कैन मशीन से केवल रूटीन सीटी स्कैन ही संभव हो पा रहा है। कार्डियक, पलमोनरी और पेरीफेरल एंजियोग्राफी जैसी उन्नत जांच इस मशीन से नहीं हो पाती। परिणामस्वरूप, हृदय रोग और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी गंभीर समस्याओं वाले मरीज समय पर जांच और उपचार से वंचित हो रहे हैं, जो उनकी जान के लिए भी जोखिम भरा साबित हो सकता है।
इस बीच यह जानकारी सामने आई है कि भिलाई स्टील प्लांट के लिए 193 करोड़ रुपये का प्रावधान लिया गया है। इस खबर से कर्मचारियों में आशा और उम्मीद की किरण जगी है कि हॉस्पिटल की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा।
कर्मचारियों और उनके परिवारों की मांग है कि इस प्रावधान का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर सेक्टर-9 हॉस्पिटल में एक नई 128 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन, जिसमें एंजियोग्राफी की सुविधा उपलब्ध हो, लगाने के लिए किया जाए।
बीएसपी कर्मियों और मरीजों की ओर से सांसद से भी आग्रह किया गया है कि वे इस गंभीर जनहित के मुद्दे को संज्ञान में लें और भिलाई स्टील प्लांट के मरीजों के लिए सेक्टर-9 हॉस्पिटल में अत्याधुनिक 128 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध कराने के प्रयास करें। समय रहते निर्णय नहीं लिया गया, तो इसका सीधा असर हजारों परिवारों की सेहत पर पड़ता रहेगा।











