BSP ED वर्क्स जानते हैं हादसों के 3 कारण, बोले-कर्मचारी ऑनरशिप लें, अधिक से अधिक करें रिपोर्ट

BSP ED Works knows Three Reasons for Accidents Says Employees Should Take Ownership and Report as much as Possible
  • कार्यस्थल को बेहतर बनाने हेतु रेस्ट रूम, चेयर-टेबल, टॉयलेट्स के समुचित संधारण पर कार्य करने की जानकारी दी गई।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन भिलाई के पदाधिकारियों ने बीएसपी के ईडी वर्क्स राकेश कुमार से मुलाकात की। बैठक का केंद्र बिंदु संयंत्र में सुरक्षित, अनुशासित एवं मानवीय कार्यस्थल के निर्माण में डिप्लोमा इंजीनियर्स की निर्णायक भूमिका रहा।

बैठक को संबोधित करते हुए ईडी वर्क्स राकेश कुमार ने सधे शब्दों में कहा कि संयंत्र में होने वाली प्रत्येक दुर्घटना के पीछे केवल तीन मूल कारण होते हैं।

अनसेफ एक्ट, अनसेफ कंडीशन तथा मानवीय मूल्यों का ह्रास।

उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि यदि इन तीनों पर नियंत्रण कर लिया जाए तो दुर्घटनाओं को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है। ईडी वर्क्स ने सभी डिप्लोमा इंजीनियर्स से ऑनरशिप की भावना के साथ कार्य करने, कार्यस्थल पर दिखने वाले प्रत्येक अनसेफ एक्ट एवं अनसेफ कंडीशन को बिना संकोच अधिक से अधिक रिपोर्ट करने का आह्वान किया, ताकि सुरक्षा संस्कृति को जमीनी स्तर तक मजबूत किया जा सके।

बैठक में कार्यस्थल को बेहतर बनाने हेतु रेस्ट रूम, चेयर-टेबल, टॉयलेट्स के समुचित संधारण पर कार्य करने की जानकारी दी गई। साथ ही कैंटीन की स्थिति में सुधार के लिए रंग-रोगन, स्वच्छता एवं पर्याप्त टेबल-चेयर की व्यवस्था पर भी गंभीर चर्चा हुई।

कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने के उद्देश्य से नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम को पुनः प्रारंभ करने हेतु लिए जा रहे आवश्यक कदमों की जानकारी दी गई।

खुर्सीपार गेट से बीआरएम जाने वाले मार्ग पर संभावित दुर्घटनाओं की आशंका की ओर ध्यान दिलाया गया, जिस पर ईडी वर्क्स ने बताया कि इस विषय पर पहले ही उच्च स्तर पर चर्चा हो चुकी है और आवश्यक सुधारात्मक कदम प्रक्रिया में हैं।

बैठक में डिप्लोमा इंजीनियर्स जो ग्रेजुएट हैं, उनके लिए स्टील टेक्नोलॉजी में एम.टेक. जैसे उच्च तकनीकी अध्ययन के अवसरों पर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही सेफ्टी सर्किल टीमों के प्रोत्साहन एवं मोटिवेशन को और सशक्त बनाने पर विशेष बल दिया गया।

यह बैठक न केवल डिप्लोमा इंजीनियर्स के लिए उत्साहवर्धक रही, बल्कि संयंत्र में सुरक्षा, जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों पर आधारित कार्यसंस्कृति को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही