- टर्बो ब्लोअर मॉडेक्स में स्थापित संयंत्र के सबसे बड़े ब्लास्ट फर्नेस “महमाया” को कोल्ड ब्लास्ट एयर की आपूर्ति करता है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन (पीबीएस) में स्थापित स्टीम टर्बो ब्लोअर-1 का कैपिटल रिपेयर पूर्ण होने के पश्चात उसे सफलतापूर्वक पुनः प्रारंभ किया गया। यह टर्बो ब्लोअर मॉडेक्स में स्थापित संयंत्र के सबसे बड़े ब्लास्ट फर्नेस “महमाया” को कोल्ड ब्लास्ट एयर की आपूर्ति करता है, जो ब्लास्ट फर्नेस के सुचारु एवं निरंतर संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस टर्बो ब्लोअर का कैपिटल रिपेयर भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) द्वारा संपादित किया गया।
उल्लेखनीय है कि 7.5 मिलियन टन परियोजना के अंतर्गत महमाया ब्लास्ट फर्नेस की स्थापना की गई थी, जिसकी उत्पादन क्षमता लगभग 8000 टन प्रतिदिन है। इसके अतिरिक्त पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन में कुल 3 टर्बो ब्लोअर स्थापित किए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक ब्लोअर 2,19,000 एनएम³ प्रति घंटा का फ्लो देने में सक्षम है।
स्टीम टर्बो ब्लोअर के पुनः संचालन से पूर्व मशीन के सफल संचालन की कामना के साथ पूजा-अर्चना की गई तथा नारियल फोड़कर इसका शुभारंभ किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि कार्यकारी निदेशक (वर्क्स) श्री राकेश कुमार उपस्थित रहे। अतिथि विशेष के रूप में मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी एम एंड यू बी. के. बेहरा, सीजीएम इलेक्ट्रिकल टी. के कृष्णा कुमार तथा सीजीएम बीएफ मनोज कुमार भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक सेफ्टी संजय अग्रवाल, महाप्रबंधक इंस्ट्रूमेंटेशन मधु पिल्लै, पीएसडी विभाग से महाप्रबंधक जी. के. कुंडू, महाप्रबंधक आर. आर. ठाकुर, महाप्रबंधक बेंसी जॉर्ज तथा उपमहाप्रबंधक तथा ईडी वर्क्स सेक्रेट्रिएट वी. पी. तिवारी भी मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त पीबीएस विभाग से महाप्रबंधक प्रभारी शेख जाकिर, महाप्रबंधक जी. पी. कुर्रे, संजय अग्रवाल, सैय्यद असद हुसैन, मुश्ताक अहमद पर्रे , बीएचईएल से प्रशांत गुप्ता, राहुल चौरे सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि कार्यकारी निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार ने पीबीएस टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए उनकी पीठ थपथपाई तथा भविष्य में भी पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि स्टीम टर्बो ब्लोअर 1 के सफल कैपिटल रिपेयर एवं पुनः संचालन से ब्लास्ट फर्नेस “महमाया” के संचालन को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा संयंत्र के उत्पादन लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।



















