- “क्लस्टर्स ऐज़ ग्रोथ इंजन: मैक्सिमाइजिंग प्रोडक्टिविटी” विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता में बीएसएल की टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो इस्पात संयंत्र की विभिन्न टीमों ने ‘ओडिशा स्टेट प्रोडक्टिविटी काउंसिल (OSPC) प्रतियोगिता-2026’ में पांच प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतकर संयंत्र का गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि के पश्चात मंगलवार को विजेता टीम के सदस्यों ने निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन से भेंट कर इस प्रतियोगिता से संबंधित अपने अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर अधिशासी निदेशक (संकार्य) अनुप कुमार दत्त, मुख्य महाप्रबंधक (हॉट स्ट्रिप मिल) प्रदीप कुमार वर्मा, मुख्य महाप्रबंधक (ईएमडी) गुलशन कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (सीआरएम–III) राजेश कुमार झा, महाप्रबंधक (आईईडी) धीरज कुमार चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
गौरतलब है कि “क्लस्टर्स ऐज़ ग्रोथ इंजन: मैक्सिमाइजिंग प्रोडक्टिविटी” विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता में बीएसएल की टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। ओएसपीसी द्वारा आयोजित इस स्पर्धा में सीआरएम-III की टीम (वरीय प्रबंधक प्रशांत कुमार सिंह एवं उप प्रबंधक कुणाल अमेता) तथा ब्लास्ट फर्नेस की टीम (वरीय प्रबंधक सचिन शर्मा एवं वरीय प्रबंधक सुनील बंदूनी) ने सर्वोच्च “5-स्टार” रेटिंग प्राप्त की।
इसके अतिरिक्त, हॉट स्ट्रिप मिल की प्रथम टीम (उप प्रबंधक विशाल सोलंकी) एवं ईएमडी विभाग की टीम (वरीय प्रबंधक अमितेश राज एवं प्रबंधक हरेंद्र प्रताप सिंह यादव) को “4-स्टार” रेटिंग तथा हॉट स्ट्रिप मिल की दूसरी टीम (वरीय प्रबंधक अंजनी कुमार सिन्हा एवं उप प्रबंधक तरुण अग्रवाल) को “3-स्टार” रेटिंग से सम्मानित किया गया।
निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए उनके नवाचार और परिश्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मंचों पर ऐसी उपलब्धियां संयंत्र की तकनीकी श्रेष्ठता को सिद्ध करती हैं। अधिशासी निदेशक (संकार्य) अनुप कुमार दत्त ने भी टीम के प्रयासों को प्रोत्साहित करते हुए विजेताओं को बधाई दी। इस आयोजन का समन्वय इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा किया गया।
यह उपलब्धि बोकारो इस्पात संयंत्र की उत्पादकता बढ़ाने और वैश्विक मानकों के अनुरूप औद्योगिक उत्कृष्टता सुनिश्चित करने की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रतिफल है। विजेताओं का यह सम्मान न केवल अन्य कार्मिकों को प्रेरित करेगा, बल्कि यह निरंतर सुधार और गुणवत्ता के प्रति संयंत्र की अटूट प्रतिबद्धता को भी और अधिक सशक्त बनाएगा।












