- पहले मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष की सजा और कुल 1.33 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।
- दूसरे मामले में चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष की सजा और कुल 72 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
सूचनाजी न्यूज, अहमदाबाद। Central Bureau of Investigation (सीबीआई) की विशेष अदालत, अहमदाबाद ने बैंक धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों में यूको बैंक के अधिकारियों सहित चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 5-5 वर्ष के कठोर कारावास और भारी जुर्माने की सजा सुनाई है।
इन मामलों में UCO Bank की चिलोड़ा शाखा, गांधीनगर के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक मेदम भगवती प्रसाद और सहायक प्रबंधक भास्कर रमेशचंद्र सोनी सहित निजी व्यक्तियों को दोषी पाया गया।
पहला मामला
पहले मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष की सजा और कुल 1.33 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। आरोपियों में बैंक अधिकारी और एम/एस हेवन फाइव एंटरप्राइज, साबरकांठा के संचालक जयेंद्रसिंह दह्याजी मकवाना शामिल हैं।
च में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करीब 6.43 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट और टर्म लोन स्वीकृत कर वितरित किए। दिसंबर 2015 तक 17 खातों में 3.63 करोड़ रुपये बकाया थे, जिनमें से अधिकांश एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) में बदल गए, जिससे बैंक को भारी नुकसान हुआ।
दूसरा मामला
दूसरे मामले में चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष की सजा और कुल 72 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस मामले में निजी व्यक्ति वनराजजी प्रभातजी सोलंकी, संचालक एम/एस श्री वनराज एंटरप्राइज, गांधीनगर भी शामिल हैं।
दोनों मामलों में सीबीआई ने 27 अप्रैल 2016 को केस दर्ज किया था। जांच पूरी होने के बाद 17 नवंबर 2017 को आरोपपत्र दाखिल किया गया। अदालत ने ट्रायल के बाद सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।













