चार लेबर कोड के खिलाफ बीएसपी कर्मचारी उतरे सड़क पर, वेतन, बोनस, ग्रेच्युटी, पेंशन ये कहा…

BSP Employees Protest against Four Labor Codes Labor Leaders say this on Bonus Gratuity, Pension
  • सभा में कहा गया कि मोदी सरकार, अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान पर किए जा हमले को रोक लगाने अपील करे।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। केंद्र सरकार ने एक अप्रैल 2026 से चार लेबर कोड लागू करने का ऐलान किया है, जिसका संयुक्त यूनियन ने विरोध किया है। इसी तारतम्य में केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर संयुक्त श्रम संगठन भिलाई इंटक, सीटू, एटक, एच एम एस, ऐक्टू, लोइमू द्वारा एक अप्रैल को चार लेबर कोड रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और काला दिवस मनाया गया। एक ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर, दुर्ग के माध्यम से सौंपा गया।

ज्ञापन में कहा गया है कि ट्रेड यूनियन लगातार इन श्रम विरोधी समर्थक श्रम संहिताओं का विरोध करती रही है। यह श्रम संहिताएं देश के श्रमिकों-जो संपत्ति के वास्तविक सृजन करता है। इसको फिर से ब्रिटिश औपनिवेशिक काल जैसी शोषणकारी परिस्थितियों में धकलेने का प्रयास है।

श्रमिक वर्ग ने औपनिवेशक काल मे अत्यधिक शोषण के खिलाफ और स्वतंत्र भारत में भी 8 घंटे के कार्य दिवस,कार्य स्थल पर सुरक्षा,यूनियन बनाने और संगठित होने के अधिकार, सामूहिक सौदेबाजी,आंदोलन करने और हड़ताल के अधिकार के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने सम्मानजनक वेतन,सामाजिक सुरक्षा,ठेका श्रमिकों के नियमित कारण,स्थाई कार्यों में ठेका प्रथा समाप्त करने,समान काम के लिए समान वेतन, बोनस, ग्रेच्युटी और पेंशन के अधिकार के लिए भी लड़ाई लड़ी है।

केंद्र सरकार इन श्रम संहिताओं के माध्यम से इन उपलब्धियां को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।इन संहिताओं में ऐसे कठोर व दमनकारी प्रावधान है जिससे यूनियन बनाना कठिन, पंजीकरण मुश्किल और निरस्तीकरण आसान हो जाएगा।

नियुक्ताओं के उल्लंघन को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा रहा है जबकि ट्रेड यूनियन गतिविधियों को दंडनीय बनाया जा रहा है। कार्य समय की सीमा को खुला छोड़ दिया गया है जिससे मनमाने ढंग से बढ़ाया जा सके. हड़ताल का अधिकार लगभग समाप्त कर दिया गया है।

यह संहिताएं संगठित क्षेत्र को असंगठित बनाने और असंगठित श्रमिकों को अधिकारों से वंचित करने की दिशा में है। इनमें कई प्रावधान भारतीय संविधान की भावना अंतर्राष्ट्रीय श्रम मानकों और मानवाधिकारों के विरुद्ध है। सभा में कहा गया कि मोदी सरकार अमेरिका, इजराइल द्वारा ईरान पर किए जा हमले को रोक लगाने अपील करे।