- कुल 51 शब्द इस्पात सचिव के मुख से दर्शाए गए, इनमें 14 शब्द नाम, पदनाम और कोक ओवन बैटरी के थे।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल बीएसपी के जनसंपर्क विभाग में भी सुधार की जरूरत है। हैरानी की बात यह है कि जो स्टील सेक्रेटरी सेल को संवारने में जुटे हैं। उन्हीं के कवरेज को जनसंपर्क ने पलीता लगा दिया। कुल 424 शब्द में 11 अप्रैल शाम 6.32 बजे प्रेस रिलीज जारी की गई।
इसमें 181 शब्द सिर्फ अधिकारियों के नाम-पदनाम लिखे थे। 22 बार श्री लिखा गया। 8 बार भिलाई इस्पात संयंत्र, बीएसपी, इस्पात भवन लिखा। सेल के कार्यवाहक सीएमडी केके सिंह ने भी बहुत कुछ कहा-लेकिन, इसका जिक्र तक नहीं किया गया। सिर्फ उनका नाम लिखकर बड़ा एहसान किया गया है। सेल के अधिकारियों और कर्मचारियों पर इस्पात सचिव और सीएमडी का संदेश पहुंचाने में इतनी ढिलाई सवालों के घेरे में है।
प्रेस रिलीज का पोस्टमार्टम करने पर पता चला कि 5 पैरा में समाचार बनाया गया। पहले 3 पैरा में सिर्फ नाम, पदनाम को ही प्राथमिकता से ठूंस दिया गया। चौथे और पांचवे पैरा के आखिरी लाइन में इस्पात सचिव का जिक्र किया गया। पढ़िए क्या लिखा-“इस अवसर पर सचिव (इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार), श्री संदीप पौंड्रिक आईएएस, ने संयंत्र प्रबंधन को भविष्य में महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने तथा स्थायी लागत में कमी लाने का आह्वान किया।
पांचवें पैरा में ये लिखा-“कोक ओवन बैटरी न. 8 गए, जहां उन्होंने प्रोजेक्ट साइट का अवलोकन किया एवं महत्वपूर्ण सुझाव व दिशा-निर्देश साझा किए।” कुल 51 शब्द इस्पात सचिव के मुख से दर्शाए गए, इनमें 14 शब्द नाम, पदनाम और कोक ओवन बैटरी के थे।
इस तरह इस्पात सचिव की ओर से जनसंपर्क विभाग ने 37 शब्दों में संदेश दिया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से मुलाकात किए, इसका ज़िक्र तक नहीं किया गया। हो सकता है कि किसी ने मना किया हो…। यह तो बीएसपी ही बता सकता है। इस्पात मंत्रालय के सचिव के साथ इस तरह के बर्ताव पर निश्चित रूप से सेल कारपोरेट आफिस को जवाब देना पड़ेगा?
सेल कर्मचारियों के बढ़ते गुस्से के बीच इस्पात सचिव व सीएमडी का सकारात्मक संदेश प्रमुखता से देकर अच्छी छवि बनाई जा सकती थी, जिसको बीएसपी पीआर डिपार्टमेंट ने हल्के में ले लिया। इस समाचार पर पीआर डिपार्टमेंट की प्रतिक्रिया लेने की जरूरत ही नहीं है, क्योंकि आधिकारिक रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है।
CMD केके सिंह के साथ ये रहा नज़रिया
अब बात सेल के कार्यवाहक सीएमडी केके सिंह की। साल 1987 में भिलाई स्टील प्लांट से कॅरियर शुरू करने वाले केके सिंह बीएसपी के शिक्षा अधिकारी भी रहे हैं। ईडी पर्सनल रहे। सेल के डायरेक्टर पर्सनल हैं। अमरेंदु प्रकाश के इस्तीफे के बाद उन्हें सीएमडी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। जिस प्लांट से कॅरियर शुरू किए, वहीं सीएमडी बनकर केके सिंह आए। उनके साथ भी प्रेस रिलीज में अच्छा बर्ताव नहीं किया गया। बीएसपी की प्रेस रिलीज में सिर्फ “सेल के निदेशक (कार्मिक) व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सेल) (अतिरिक्त प्रभार) श्री कृष्ण कुमार सिंह” लिखा है।
डायरेक्टर इंचार्ज को होती है रिपोर्ट
यह सब उस जनसंपर्क विभाग की कार्य संस्कृति है, जहां 2 जीएम समेत कई अधिकारी-कर्मचारी हैं। पीआर डिपार्टमेंट को करीब 3 करोड़ में आउट सोर्स पूर्व में किया गया है। डिपार्टमेंट के हेड बीएसपी के डायरेक्टर इंचार्ज को रिपोर्ट करते हैं।
आप भी पढ़िए भिलाई इस्पात संयंत्र की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति
इस्पात सचिव श्री संदीप पौंड्रिक आई.ए.एस. ने किया भिलाई इस्पात संयंत्र का भ्रमण
11 अप्रैल 2026 को अपने एक दिवसीय प्रवास पर भिलाई आए इस्पात सचिव श्री संदीप पौंड्रिक आई.ए.एस. ने सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र का दौरा किया। उनके साथ सेल के निदेशक (कार्मिक) व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सेल) (अतिरिक्त प्रभार) श्री कृष्ण कुमार सिंह एवं संयुक्त सचिव (इस्पात मंत्रालय), भारत सरकार, श्री अभिजीत नरेंद्र भी उपस्थित रहे।
सर्वप्रथम इस्पात सचिव को भिलाई निवास में सीआईएसएफ जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, उसके बाद निदेशक प्रभारी (सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र) श्री चित्त रंजन महापात्र, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार तथा संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अतिथियों का भिलाई निवास में स्वागत किया गया। इसके पश्चात इस्पात सचिव (भारत सरकार) श्री संदीप पौंड्रिक आई.ए.एस., श्री कृष्ण कुमार सिंह एवं श्री अभिजीत नरेंद्र सहित गणमान्य अतिथि ‘इस्पात भवन’ में आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में सम्मिलित हुए।
बैठक के दौरान इस्पात सचिव श्री संदीप पौंड्रिक आई.ए.एस., श्री कृष्ण कुमार सिंह एवं श्री अभिजीत नरेंद्र ने निदेशक प्रभारी (सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र) श्री चित्त रंजन महापात्र तथा बीएसपी के कार्यपालक निदेशकों सहित बीएसपी के वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद किया। बैठक में कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री अजय कुमार चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री प्रबीर कुमार सरकार, कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक (खदान) एवं सीएमएलओ श्री कमल भास्कर, कार्यपालक निदेशक (रावघाट) श्री अरुण कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ विनीता द्विवेदी तथा संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधकगण एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इस बैठक में कार्यपालक निदेशक (रावघाट) श्री अरुण कुमार ने रावघाट में चल रही गतिविधियों के विभिन्न पहलुओं पर एक सारगर्भित प्रस्तुति दी, वहीँ संयंत्र के प्रमुख बिंदुओं, उत्पादन प्रदर्शन, तकनीकी-आर्थिक मानकों, उत्पाद मिश्रण, वित्तीय प्रदर्शन तथा उत्पादन लागत पर उप प्रबंधक (जनसंपर्क) सुश्री शालिनी चौरसिया द्वारा एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर सचिव (इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार), श्री संदीप पौंड्रिक आईएएस, ने संयंत्र प्रबंधन को भविष्य में महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने तथा स्थायी लागत में कमी लाने का आह्वान किया।
संयंत्र भ्रमण के प्रारंभ में वे सर्वप्रथम मेन गेट स्थित सुरक्षा उत्कृष्टता केन्द्र पहुंचे, जहां उन्हें संयंत्र भ्रमण के दौरान आवश्यक सुरक्षा निर्देशों से अवगत कराया गया। सुरक्षा उत्कृष्टता केन्द्र से वे भिलाई इस्पात संयंत्र के कोक ओवन बैटरी न. 8 गए, जहां उन्होंने प्रोजेक्ट साइट का अवलोकन किया एवं महत्वपूर्ण सुझाव व दिशा-निर्देश साझा किए। संयंत्र भ्रमण के अंत में सभी गणमान्य अतिथियों ने इस्पात भवन में गार्ड ऑफ ऑनर समारोह के पश्चात रायपुर के लिए प्रस्थान किया।













