Breaking News: सफाई कर्मियों की संख्या 169 से घटकर ही 152। नियमित कर्मचारियों को सीआर और वीआर के सहारे हटाया जाएगा।
- चिकित्सकों को इस बात का तनाव है कि मैनपॉवर कम कर दिए जाएंगे तो मरीजों को होने वाली परेशानी का समाधान कैसे किया जाएगा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल में मैनपॉवर घटाने का आदेश है। इस्पात मंत्रालय मानीटरिंग कर रहा है। सेल भिलाई स्टील प्लांट के अलावा अब हॉस्पिटल में भी मैनपॉवर कम करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
सेल बीएसपी के सेक्टर 9 हॉस्पिटल और उससे संबंधित अस्पतालों में 35 प्रतिशत मैनपॉवर कम किए जाएंगे। इस आदेश का विरोध भी शुरू हो गया है। डाक्टर और स्टाफ तनाव में। कर्मचारियों, ठेका मजदूरों को अपनी नौकरी का तनाव है। चिकित्सकों को इस बात का तनाव है कि मैनपॉवर कम कर दिए जाएंगे तो मरीजों को होने वाली परेशानी का समाधान कैसे किया जाएगा।
प्लांट के हालात अलग हैं। वहां हॉट मेटल प्रोडक्शन किसी दिन कम और किसी दिन ज्यादा होता है। अस्पताल में मरीज की समस्या का समाधान तत्काल चाहिए, यहां समय पर टाला नहीं जा सकता है। तमाम तरह की परेशानी आनी तय है।
एक तरफ ईमानदार डाक्टर और स्टाफ सिर्फ मरीजों की सेवा में लगे हैं। वहीं, कुछ कारोबारी मानसिकता वाले समय पर ड्यूटी नहीं आते हैं। देरी से अस्पताल पहुंचना और प्राइवेट मरीजों को देखने में मगन रहते हैं। एक डाक्टर तो इतना बदनाम है कि सेल कारपोरेट आफिस तक सबको पता है। बावूजद, कोई कार्रवाई न होने से मनोबल बढ़ता जा रहा है। हराम की कमाई मुंह लग चुकी है।
इस तरह की बातों की बाढ़ अस्पताल में आ चुकी है। सेक्टर 9 हॉस्पिटल में 35 प्रतिशत मैनपॉवर को कम करने की कवायद शुरू कर दी गई है। वहीं, कुछ विभागों के स्टाफ को मर्ज किया जा सकता है, ताकि समस्या का समाधान कुछ हद तक किया जा सके।
अस्पताल के सफाई कार्य में जुटे 169 कर्मी की संख्या को 152 करना है। नियमित कर्मचारियों को घटाने के लिए सीआर और वीआर का सहारा लिया जाएगा। फिलहाल, अस्पताल में तनाव का माहौल बना हुआ है। वहीं, उच्च प्रबंधन की ओर से स्पष्ट आदेश है कि नई भर्ती होगी नहीं। खर्चे को कम करना है। इसलिए जो संसाधन है, उसी में काम चलाइए।








