1983 में भिलाई स्टील प्लांट से कॅरियर शुरू। SAGE University Bhopal से डॉक्टरेट की दिशा में कदम बढ़ाया। दीक्षांत समारोह में मिलेगी उपाधि।
- यूआरएम, बीआएम, बीएफ-8, आरएमपी, एसएमएस 3 का प्रोडक्शन अपने कार्यकाल में चालू कराए।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई मिल और यूनिट को राष्ट्र को समर्पित किया था।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। Steel Authority of India Limited (सेल) के Bhilai Steel Plant के पूर्व सीईओ एम. रवि अब Dr. M. Ravi नाम से जाने जाएंगे। उन्होंने प्रबंधन (मैनेजमेंट) में पीएचडी की उपाधि हासिल की है, जिससे स्टील सेक्टर में कार्यरत पेशेवरों के लिए एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है।
एम. रवि ने अपना करियर बीएसपी से ही शुरू किया था। मार्च 1983 में सेल भिलाई स्टील प्लांट के पीपीसी से कॅरियर शुरू हुआ था। तीन साल बाद स्टील मेल्टिंग शॉप-1 में ट्रांसफर हुआ। फिर, यहीं से कारवां आगे बढ़ता गया। और बाद में भद्रावती स्टील प्लांट में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ईडी) के रूप में भी सेवाएं दीं।
वर्ष 2016 में वे भद्रावती में प्रमोट हुए और इसके बाद भिलाई स्टील प्लांट के सीईओ के रूप में चयनित हुए। कुछ समय तक उन्होंने ईडी (वर्क्स) की जिम्मेदारी भी संभाली। पूर्व सीईओ एस. चंद्रशेखरन के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने बीएसपी की कमान संभाली थी।
अपने संदेश में डॉ. एम. रवि ने बताया कि भिलाई स्टील प्लांट में बड़े स्तर पर आधुनिकीकरण और पुनरुद्धार कार्यों जैसे ब्लास्ट फर्नेस-1 और 7 के कैपिटल रिपेयर, एसपी-3 मशीन कूलर के पुनर्जीवन और विभिन्न यूनिट्स के कमीशनिंग के बाद उन्होंने आत्ममंथन के दौर में जनवरी 2019 में एमबीए की पढ़ाई शुरू की, जिसे 2021 में पूरा किया। इसी दौरान उच्च शिक्षा के प्रति उनकी रुचि और मजबूत हुई और उन्होंने SAGE University Bhopal से डॉक्टरेट की दिशा में कदम बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि यह सफर आसान नहीं था। आत्म-संदेह, उम्र और ऊर्जा को लेकर कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन इन्हीं परिस्थितियों ने उनके आत्मविश्वास और संयम को और मजबूत किया।
डॉ. रवि को उनकी थीसिस “A Study of Operational Efficiency of Steel Plants using SAP-LAP Framework” के लिए पीएचडी की डिग्री प्रदान की गई है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने सहयोगियों, शुभचिंतकों और परिवार को दिया, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन की बड़ी सफलता है, बल्कि सेल और भिलाई स्टील प्लांट के लिए भी गर्व का विषय मानी जा रही है।
गैस कांड में आरोपी नहीं, फिर भी मिली सजा
साल अक्टूबर 2018 में बीएसपी गैस कांड के बाद उन्हें सस्पेंड किया था। हैरान करने वाली बात यह थी कि रिटायरमेंट तक एम रवि के ऊपर कोई आरोप सिद्ध नहीं हो पाया था। पिछले दिनों श्रम न्यायालय के फैसले में भी ईडी वर्क्स पीके दास, जीएम को आरोपी माना गया और सजा सुनाई गई। एम रवि आरोपों से बरी रहे। राजनीतिज्ञ दबाव के चलते सस्पेंड किया गया था।
3 माह इंतजार किए, फिर पढ़ाई में जुटे
तीन माह तक इंतजार करते रहे। बहाली हो नहीं सकी। इसके बाद जनवरी 2021 से पढ़ाई शुरू की। इसी बीच दक्षिण भारत के एक स्टील प्लांट में नौकरी भी की। लेकिन, पढ़ाई की वजह से इसे छोड़ दिए। 4 अप्रैल 2022 से पीएचडी शुरू की और 29 अप्रैल 2026 में पीएचडी अवॉर्ड हो गई।
यूआरएम, बीआएम, बीएफ-8, आरएमपी, एसएमएस 3 चालू कराए
सेल बीएसपी के आधुनिकीकरण और विस्तारीकण प्रोजेक्ट को चालू कराने का श्रेय भी एम. रवि को जाता है। यूनिवर्सल रेल मिल-यूआरएम, ब्लास्ट फर्नेस 8, बार एंड रॉड मिल-बीआरएम, आरएचएफ, स्टील मेल्टिंग शॉप-एसएमएस 3, आरएमपी 3 का प्रोडक्शन इन्हीं के कार्यकाल में शुरू हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई मिल और यूनिट को राष्ट्र को समर्पित किया था।








