Bhilai Steel Plant: 250 टन से ज्यादा चोरी का लोहा, भारी वाहन और मशीनरी समेत करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपए संपत्ति जब्त की है।
- पुलिस का मानना है कि यह सिर्फ साधारण चोरी नहीं, बल्कि संगठित अपराध का बड़ा नेटवर्क हो सकता है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के (Steel Authority of India Limited) के Bhilai Steel Plant से संगठित तरीके से चल रहे करोड़ों रुपए के लौह चोरी रैकेट का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। थाना पुरानी भिलाई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 250 टन से ज्यादा चोरी का लोहा, भारी वाहन और मशीनरी समेत करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपए संपत्ति जब्त की है। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले चार-पांच महीने से भिलाई स्टील प्लांट से फ्लू डस्ट की आड़ में लोहे की प्लेट, बीम कटिंग और अन्य भारी स्क्रैप को बाहर निकाल रहे थे। चोरी के लोहे को फ्लू डस्ट के नीचे छिपाकर हाईवा और ट्रकों में भरकर बाहर भेजा जाता था, ताकि किसी को शक न हो।
पुरानी भिलाई थाना पुलिस को 26 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम अकलोरडीह पारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स प्लॉट नंबर 18 ए/05 एचआईए हथखोज भिलाई में बड़े पैमाने पर संदिग्ध लौह सामग्री डंप की गई है। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।
छापेमारी के दौरान हाईवा वाहन क्रमांक CG04QT8797 में फ्लू डस्ट के नीचे छिपाकर लोहे की प्लेट कटिंग और बीम भरी मिली। वहीं ट्रक CG10R2004 में भी भारी मात्रा में लोहे की प्लेट कटिंग बरामद हुई। एक अन्य हाईवा CG08AW1475 खाली खड़ा मिला, जो लोहा खाली कर चुका था।
मौके पर दो बड़े ढेरों में लोहे की प्लेट और बीम कटिंग पड़ी मिली। पुलिस ने जांच में पाया कि वहां जेसीबी, हाईड्रा, चैन माउंटिंग मशीन और अन्य मशीनों के जरिए चोरी के लोहे को लोड कर बाहर भेजने की तैयारी की जा रही थी।
जब्त सामग्री में दो हाईवा, दो ट्रक, टाटा 1109, टाटा एस, जेसीबी, हाइड्रा, चैन माउंटिंग मशीन और करीब 250 टन लौह सामग्री शामिल है। केवल लोहे की कीमत करीब 90 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि वाहनों और मशीनरी को मिलाकर कुल जब्ती 3 करोड़ 22 लाख रुपये की बताई गई है।
पुलिस ने वाहन चालकों और स्क्रैप कारोबार से जुड़े लोगों से दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई वैध कागजात पेश नहीं किए जा सके। इसके बाद थाना पुरानी भिलाई में अपराध क्रमांक 277/2026 दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई। मामले में बीएनएस की धारा 303(2), 317(4), 3(5) और 112 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में सिकोला बस्ती दुर्ग निवासी मीथेन ठाकुर, वैशाली नगर निवासी चिंतानंद साहू, टाटा लाइन कोहका निवासी गीतेश वर्मा और वैशाली नगर निवासी निर्मल सिंह शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई है। पुलिस का मानना है कि यह सिर्फ साधारण चोरी नहीं, बल्कि संगठित अपराध का बड़ा नेटवर्क हो सकता है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह के तार किन-किन लोगों और नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।

