Zero Tolerance Rules: बार-बार गलती करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और गेट पास सस्पेंड करने तक की व्यवस्था की गई है।
- ठेका श्रमिकों पर लगाया गया जुर्माना ठेकेदार के बिल से काटा जाएगा।
- अधिकारियों-कर्मचारियों के मामले में राशि उनके पर्क्स और इंसेंटिव से समायोजित होगी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के सभी प्लांट और यूनिट्स में अब सुरक्षा नियमों को लेकर बेहद सख्त व्यवस्था लागू कर दी गई है। Steel Authority of India Limited के सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन, रांची की ओर से जारी आदेश में “कॉमन जीरो टॉलरेंस रूल्स (ZTRs)” लागू करने का निर्देश दिया गया है।
अब सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों पर सीधे आर्थिक दंड लगाया जाएगा। बार-बार गलती करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और गेट पास सस्पेंड करने तक की व्यवस्था की गई है।
सेल प्रबंधन का कहना है कि अलग-अलग प्लांटों में अलग नियम लागू होने से भ्रम की स्थिति बन रही थी। इसलिए पूरे संगठन में एक समान सुरक्षा नियम लागू किए जा रहे हैं, ताकि असुरक्षित कार्यप्रणाली पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
इन नियमों का करना होगा पालन
नए आदेश के तहत बिना उचित एनर्जी आइसोलेशन के किसी मशीन पर काम नहीं किया जा सकेगा। चलती मशीनों के आसपास बिना सुरक्षा इंतजाम के काम करने पर रोक रहेगी। ऊंचाई पर काम करने वालों के लिए सेफ्टी बेल्ट और हाइट-पास अनिवार्य किया गया है।
इसके अलावा बंद या प्रतिबंधित जगहों में बिना परमिट और बिना दूसरे व्यक्ति की मौजूदगी के प्रवेश नहीं मिलेगा। वाहन चलाते समय मोबाइल इस्तेमाल करना भी नियम उल्लंघन माना जाएगा।
दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठने वालों के लिए हेलमेट और चिन स्ट्रैप लगाना अनिवार्य किया गया है। ट्रिपल राइडिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। वहीं प्लांट परिसर में निर्धारित स्पीड लिमिट से तेज वाहन चलाने पर भी कार्रवाई होगी।
शराब पीकर प्लांट में प्रवेश करने वालों और सेफ्टी इंटरलॉक या प्रोटेक्शन सिस्टम से छेड़छाड़ करने वालों पर भी सख्त दंड तय किया गया है।
पहली गलती पर जुर्माना, चौथी बार बड़ी कार्रवाई
आदेश के मुताबिक पहली बार नियम तोड़ने पर 500 रुपये जुर्माना और चेतावनी पत्र दिया जाएगा। दूसरी बार 1500 रुपये तथा तीसरी बार 2500 रुपये का दंड लगेगा।
यदि कोई चौथी बार नियम तोड़ता है तो नियमित कार्मिकों पर CDA Rules-1977 और Standing Orders-1997 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं ठेका श्रमिकों का गेट पास तीन महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है।
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि ठेका श्रमिकों पर लगाया गया जुर्माना ठेकेदार के बिल से काटा जाएगा, जबकि नियमित कर्मचारियों के मामले में राशि उनके पर्क्स और इंसेंटिव से समायोजित होगी। सेल प्रबंधन का कहना है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी प्लांटों को तत्काल प्रभाव से इन नियमों को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

