सीबीआई ने गेस्ट हाउस के कमरे की तलाशी में 62 हजार रुपये नकद बरामद किए। आवास की तलाशी में रियल एस्टेट निवेश के कई दस्तावेज मिले।
- यूनियन स्तर पर हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया था। हालांकि इस घटना का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई/जबलपुर। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने पश्चिम मध्य रेलवे (West Central Railway) के डिप्टी चीफ इंजीनियर-II (कंस्ट्रक्शन) को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी नारायण सिंह बुंदेला को 4 जून 2026 को मध्यप्रदेश के सागर में ट्रैप कार्रवाई के दौरान पकड़ा गया। साथ ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (South East Central Railway-SECR) के बिलासपुर ज़ोन और रायपुर मंडल में चर्चा का विषय बन गया है। पुराने मामलों को किया जा रहा है, क्योंकि ओरापी लंबे समय तक बिलासपुर जोन में कार्यरत था।
बीआई के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि रेलवे के एक ठेके से संबंधित लगभग एक करोड़ रुपये की सुरक्षा निधि (सिक्योरिटी डिपॉजिट), लंबित बिलों और पीवीसी देयकों के भुगतान को जारी करने के बदले आरोपी अधिकारी ने एक लाख रुपये की अवैध राशि की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने 4 जून को मामला दर्ज कर जाल बिछाया। जांच एजेंसी ने आरोपी अधिकारी को शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
सीबीआई द्वारा आरोपी के गेस्ट हाउस के कमरे की तलाशी में 62 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा उसके आवास की तलाशी के दौरान रियल एस्टेट निवेश से जुड़े कई दस्तावेज भी मिले हैं। गिरफ्तार अधिकारी को 5 जून को जबलपुर की सक्षम अदालत में पेश किया गया। मामले की जांच जारी है।
भिलाई में भी रहा विवादित कार्यकाल
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (South East Central Railway-SECR) के एक वरिष्ठ कार्मिक ने सूचनाजी.कॉम को जानकारी दी कि गिरफ्तार अधिकारी का संबंध पहले भिलाई रेलवे क्षेत्र से भी रहा है। वर्ष 2001 के दौरान वह पीडब्ल्यूआई (परमानेंट वे इंस्पेक्टर) के पद पर कार्यरत था। रेलवे कर्मचारियों के बीच उसका कार्यकाल काफी विवादों में रहा था।
स्थानीय कर्मचारियों के बीच यह आरोपी लंबे समय से चर्चित रहा कि वह गैंगमैनों और ट्रैक मेंटेनेंस कर्मचारियों पर अत्यधिक दबाव बनाता था तथा कार्य की गुणवत्ता के नाम पर उन्हें देर तक रोककर रखता था। कर्मचारियों का दावा था कि अनुपस्थिति दर्ज करने की कार्रवाई के डर से कई कर्मचारी मानसिक दबाव में रहते थे।
कर्मचारियों के बीच चर्चित एक पुराने विवाद के अनुसार एक गैंगमैन ने कथित तौर पर पारिवारिक परिस्थितियों के कारण समय पर घर जाने की अनुमति मांगी थी। अनुमति नहीं मिलने और विवाद बढ़ने पर उसने कथित रूप से अधिकारी पर चप्पल से हमला कर दिया था।
बाद में यूनियन स्तर पर हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया था। हालांकि इस घटना का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। अब सीबीआई की रिश्वतखोरी कार्रवाई के बाद रेलवे महकमे में इस अधिकारी के पुराने कार्यकाल और उससे जुड़े विवादों की चर्चा फिर से शुरू हो गई है।

