किस स्टील प्लांट ने कमाया सबसे ज्यादा मुनाफा? भिलाई, राउरकेला,बोकारो, दुर्गापुर, बर्नपुर के परफॉर्मेंस को आप भी पढ़िए।
- राजस्व के मामले में भिलाई स्टील प्लांट पूरे SAIL में पहले स्थान पर रहा। इसके बाद राउरकेला और बोकारो का स्थान रहा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के वित्तीय परिणाम जारी कर दिए हैं। कंपनी का कुल शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 138 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। इसके साथ ही SAIL ने अपने सभी एकीकृत और विशेष इस्पात संयंत्रों का प्रदर्शन भी सार्वजनिक किया है।
जारी आंकड़ों से स्पष्ट है कि भिलाई स्टील प्लांट (BSP), राउरकेला स्टील प्लांट (RSP) और बोकारो स्टील प्लांट (BSL) ने राजस्व और मुनाफे, दोनों के मामले में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं, कुछ छोटे संयंत्र अभी भी घाटे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। सबसे ज्यादा राजस्व अर्जित करने वालों में भिलाई स्टील प्लांट आगे है, लेकिन मुनाफे में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है।
पहली तिमाही में किस प्लांट ने कितना कारोबार किया
प्लांट: ऑपरेशन से राजस्व (₹ करोड़)
भिलाई स्टील प्लांट: 7,485.33
राउरकेला स्टील प्लांट: 7,263.23
बोकारो स्टील प्लांट: 7,204.82
दुर्गापुर स्टील प्लांट: 2,731.39
इस्को स्टील प्लांट, बर्नपुर: 2,771.02
सेलम स्टील प्लांट: 434.06
अलॉय स्टील प्लांट: 357.53
विश्वेश्वरैया आयरन एंड स्टील प्लांट: 76.02
क्या समझें?
राजस्व के मामले में भिलाई स्टील प्लांट पूरे SAIL में पहले स्थान पर रहा। इसके बाद राउरकेला और बोकारो का स्थान रहा। तीनों बड़े एकीकृत संयंत्रों ने SAIL के कुल कारोबार में सबसे बड़ा योगदान दिया।
मुनाफे में कौन रहा सबसे आगे
ब्याज, कर और अन्य मदों से पहले (Segment Profit) के आधार पर प्लांटों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा
प्लांट: लाभ (₹ करोड़)
राउरकेला स्टील प्लांट: 857.84
बोकारो स्टील प्लांट: 844.90
भिलाई स्टील प्लांट: 838.38
इस्को स्टील प्लांट: 270.41
दुर्गापुर स्टील प्लांट: 168.96
वहीं कुछ संयंत्रों का प्रदर्शन कमजोर रहा
सेलम स्टील प्लांट: 66.07 करोड़ रुपये का घाटा
विश्वेश्वरैया आयरन एंड स्टील प्लांट: 2.51 करोड़ रुपये का घाटा
अलॉय स्टील प्लांट: करीब 9.31 करोड़ रुपये का मामूली लाभ
कर्मचारियों के लिए क्या मायने रखता है यह प्रदर्शन?
SAIL का पहली तिमाही का परिणाम बताता है कि कंपनी की कमाई मजबूत बनी हुई है। खासकर भिलाई, राउरकेला और बोकारो जैसे बड़े संयंत्र कंपनी की रीढ़ बने हुए हैं। इन तीनों प्लांटों ने न केवल सबसे अधिक उत्पादन आधारित कारोबार किया, बल्कि सबसे अधिक लाभ भी कमाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति भविष्य में आधुनिकीकरण, नई परियोजनाओं, उत्पादन बढ़ाने, कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाओं और दीर्घकालिक निवेश के लिहाज से सकारात्मक संकेत मानी जाती है।
चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार पंडा ने क्या कहा
SAIL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार पंडा ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत में इस्पात की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। बेहतर परिचालन दक्षता, लागत नियंत्रण और प्रभावी मार्केटिंग रणनीति के कारण SAIL ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में उल्लेखनीय लाभ अर्जित किया है। कंपनी को विश्वास है कि आने वाले महीनों में उसका प्रदर्शन और बेहतर होगा।
एक नजर में SAIL के प्लांटों का रिपोर्ट कार्ड
सबसे अधिक राजस्व: भिलाई स्टील प्लांट (₹7,485.33 करोड़)
सबसे अधिक लाभ: राउरकेला स्टील प्लांट (₹857.84 करोड़)
दूसरे स्थान पर लाभ: बोकारो स्टील प्लांट (₹844.90 करोड़)
तीसरे स्थान पर लाभ: भिलाई स्टील प्लांट (₹838.38 करोड़)

