बीएसपी के श्रमिक नेता योगेश सोनी पर जानलेवा हमला कराने के आरोप में सुधांशु खंडेलवाल जेल भी जा चुके। बीएसपी ब्लैक लिस्टेट कर चुकी।
भट्ठी थाना को दिए अपने बयान में सुधांशु खंडेलवाल ने कहा था कि चाय बनाते समय आग लगी थी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के ठेकेदार सुधांशु खंडेलवाल की मौत हो गई है। 100 प्रतिशत झुलसने के बाद पिछले 17 दिनों से उनका इलाज चल रहा था। रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों और परिचितों में शोक की लहर है। मृतक के चाचा प्रमोद खंडेलवाल ने शोक संदेश दिया। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के ठेकेदार सुधांशु खंडेलवाल 4 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में आग की चपेट में आ गए थे। वह पूरी तरह आग से घिर गए थे। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला और सेक्टर-9 अस्पताल पहुंचाया।
शुरुआती दिनों में उनकी हालत गंभीर होने के बावजूद वह बातचीत कर रहे थे। चिकित्सकों को भी उम्मीद थी कि उनकी स्थिति में सुधार हो सकता है। हालांकि पिछले तीन दिनों से उनकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। उन्होंने बातचीत करना भी बंद कर दिया था। संक्रमण बढ़ने से स्थिति और नाजुक हो गई थी। आखिरकार रविवार रात उनका निधन हो गया।
चाय बनाते समय आग लगने की बात कही थी
भट्ठी थाना को दिए अपने बयान में सुधांशु खंडेलवाल ने कहा था कि चाय बनाते समय आग लगी थी। उन्होंने आत्महत्या की आशंका से साफ इनकार किया था। पुलिस को मौत की सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
ऑफिस के किचन में हुआ था हादसा
घटना सेक्टर-1 स्थित सुधांशु खंडेलवाल के कार्यालय में हुई थी। बताया जाता है कि कर्मचारियों को कामकाज का निर्देश देने के बाद वह किचन में गए थे। कुछ देर बाद चीख-पुकार सुनाई दी। जब लोग मौके पर पहुंचे तो उनका शरीर गंभीर रूप से झुलस चुका था। इसके बाद उन्हें तत्काल सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
विवादों से भी जुड़ा रहा नाम
सुधांशु खंडेलवाल, बीएसपी के वरिष्ठ ठेकेदार नंदू खंडेलवाल के पुत्र थे। उनका नाम पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है। बीएसपी के श्रमिक नेता योगेश सोनी पर जानलेवा हमला कराने के आरोप में वह जेल भी जा चुके थे। इसके अलावा अन्य मामलों में भी उनका नाम सामने आया था।
ठेका मजदूरों से विवाद और कथित अनियमितताओं के आरोपों के चलते भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन उनकी दो कंपनियों को ब्लैकलिस्ट भी कर चुका है।

