श्रम मंत्रालय की नई पहल: एक दिन में 178 श्रमिक दावा मामलों की सुनवाई।वर्षों से लंबित मामलों के निपटारे को विशेष अभियान।
- लंबित श्रम मामलों के निपटारे में तेजी, डीएमआरसी के 178 केस एक साथ सूचीबद्ध।
सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली। श्रमिकों के लंबे समय से लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) से जुड़े 178 दावा मामलों की सुनवाई एक ही दिन में करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय द्वारा 1 जून 2026 से 31 अगस्त 2026 तक लंबित श्रम मामलों के त्वरित निपटारे के लिए देशभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत नई दिल्ली क्षेत्र में डीएमआरसी से संबंधित 178 लंबित दावा मामलों की पहचान की गई है।
वेतन संहिता-2019 के तहत प्राधिकृत क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), नई दिल्ली ने इन मामलों में संबंधित पक्षों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए 15 जून 2026 को नोटिस जारी किए थे। सभी पक्षों को 24 जून 2026 को सुनवाई में उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
एक दिन में 178 मामलों की सुनवाई
लंबित मामलों की संख्या कम करने और श्रमिकों को समय पर न्याय दिलाने के उद्देश्य से सभी 178 मामलों को एक ही दिन सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। 24 जून 2026 का पूरा दिन केवल डीएमआरसी से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए निर्धारित किया गया है।
श्रम प्रशासन का मानना है कि इस विशेष पहल से वर्षों से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी। साथ ही श्रमिकों को समय पर राहत मिलेगी और श्रम न्याय व्यवस्था में उनका विश्वास और मजबूत होगा।
क्लस्टर-आधारित सुनवाई की नई पहल
यह अभियान समान प्रकृति के मामलों को एक साथ समूहबद्ध कर क्लस्टर-आधारित सुनवाई आयोजित करने की नई कार्यप्रणाली की शुरुआत भी है। इससे श्रम अधिकारी बड़ी संख्या में मामलों का अधिक व्यवस्थित, कुशल और समयबद्ध तरीके से निपटारा कर सकेंगे।
अधिकारियों का मानना है कि यह मॉडल देशभर में लंबित श्रम मामलों के त्वरित निपटारे के लिए उदाहरण बन सकता है। इससे श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक दक्षता में भी सुधार होगा।
डीएमआरसी ने दिया सहयोग का आश्वासन
डीएमआरसी के अपर महाप्रबंधक (परियोजनाएं) ने इस विशेष अभियान का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण श्रमिकों, नियोक्ताओं और अन्य हितधारकों के हित में है। उन्होंने अभियान की सफलता के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का कहना है कि वह श्रमिकों को त्वरित न्याय और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह विशेष अभियान उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय एक उत्तरदायी एवं सुलभ श्रम प्रशासन के माध्यम से प्रभावी शिकायत निवारण सुनिश्चित करने, औद्योगिक संबंधों को मज़बूत करने और श्रमिकों के अधिकारों व उनके कल्याण की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

