50% डीए वृद्धि के साथ ग्रेच्युटी की सीमा 25 लाख होना नियमसम्मत। सीटू ने सेल, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार को भेजा ज्ञापन।
- सीटू ने भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन के माध्यम से आवाज उठाई।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। हिन्दुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन (सीटू) के प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेच्युटी पर आयकर छूट की सीमा 20 लाख रुपए से बढ़कर 25 लाख करने की मांग की। सेल के कार्यालय आदेश के अनुसार महंगाई भत्ता में 50 प्रतिशत वृद्धि होने पर ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा स्वतः 25 प्रतिशत बढ़ाने की बात कही गई। तदनुसार एक जनवरी 2024 से डीए 50 प्रतिशत से अधिक हो चुका है, इसलिए ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख से बढ़कर 25 लाख रुपये हो गई है तथा सेल इसका भुगतान भी कर रहा है किंतु पूरे 25 लाख तक मिलने वाले ग्रेच्युटी पर आयकर छूट नहीं मिल रहा है। इस बाबत सीटू ने औद्योगिक संबंध विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक राहुल धोटे से मुलाकात कर निदेशक (वित्त), सेल के नाम ज्ञापन सौंपा।
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आयकर नियमों की विसंगति से कर्मचारियों को हो रही भारी आर्थिक क्षति
सीटू महासचिव टी. जोगा राव ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 25 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी पर पूर्ण आयकर छूट प्राप्त है, जबकि सेल कर्मचारियों को आयकर अधिनियम की अलग व्यवस्था बताकर केवल 20 लाख रुपये तक ही कर छूट मिल रही है। परिणामस्वरूप 20 लाख से अधिक की 5 लाख रुपये की राशि पर लगभग 1.56 लाख रुपये आयकर काटा जा रहा है। सेवानिवृत्ति के समय यह कटौती कर्मचारियों के लिए गंभीर आर्थिक बोझ बन रही है।
वित्त मंत्रालय से तत्काल अनुमोदन दिलाने की मांग
सीटू ने मांग है कि सेल प्रबंधन तत्काल वित्त मंत्रालय, भारत सरकार को प्रस्ताव भेजकर 25 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी को भी आयकर से मुक्त कराने की स्वीकृति प्राप्त करे। साथ ही अनुमोदन मिलने तक 20 लाख रुपये से अधिक की ग्रेच्युटी पर टीडीएस की कटौती स्थगित की जाए तथा पूर्व में काटी गई राशि संबंधित कर्मचारियों को वापस दिलाने की कार्रवाई की जाए।
कानूनी एवं नैतिक पक्ष भी रखा सीटू ने
चूंकि सेल के कर्मचारी भी देश के औद्योगिक विकास एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसलिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह सेल के विभिन्न इकाइयों में कार्य करने वाले कामगारों को भी समान कर राहत मिलना न्यायसंगत एवं नैतिक रूप से सही है।
उच्च अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि
सीटू ने इस मांग को गंभीरता से उठाते हुए ज्ञापन की प्रतिलिपि सेल अध्यक्ष, निदेशक प्रभारी भिलाई इस्पात संयंत्र, इस्पात मंत्रालय के सचिव तथा वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) के सचिव को भी प्रेषित की है। यूनियन ने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों की रक्षा तथा 25 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी पर पूर्ण आयकर छूट सुनिश्चित कराने के लिए वह लगातार प्रयास एवं संघर्ष जारी रखेगी।

