Skip to content
04/09/2026
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
Suchnaji

Suchnaji

सबकी खबर | सबसे पहले और सटीकता से ….

Primary Menu
  • अतिरिक्त ख़बरें
  • कोल इंडिया
  • छत्तीसगढ़
  • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • धर्म-संस्कृति
  • रेलवे
  • लोकसभा/विधानसभा चुनाव
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री
Light/Dark Button
Subscribe
  • Home
  • ताज़ा ख़बरें
  • New PF Contribution Rule 2026: कर्मचारियों को पसंद नहीं आया नया पीएफ योगदान नियम, कहा-भारी नुकसान
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

New PF Contribution Rule 2026: कर्मचारियों को पसंद नहीं आया नया पीएफ योगदान नियम, कहा-भारी नुकसान

Azmat ali 03/07/2026 1 minute read
New PF Contribution Rule 2026 Employees Dislike the Rule

यदि सरकार वास्तव में श्रमिकों के हित में सुधार चाहती है, तो पीएफ अंशदान की सीमा घटाने के बजाय सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाए।

  • ट्रेड यूनियन सीटू ने कहा-कर्मचारियों के हित में नहीं बल्कि सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करने वाला कदम।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। नया पीएफ योगदान नियम 2026 का विरोध शुरू हो गया है। ट्रेड यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की भविष्य निधि (पीएफ) केवल बचत योजना नहीं, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा का सबसे बड़ा आधार है। यदि अनिवार्य पीएफ योगदान को ₹15,000 की बेसिक सैलरी तक सीमित कर अधिकतम ₹1,800 प्रतिमाह पर रोक दिया जाता है, तो अधिक वेतन पाने वाले लाखों कर्मचारियों के पीएफ खाते में पहले की तुलना में काफी कम राशि जमा होगी। इससे उनकी सेवानिवृत्ति निधि और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा प्रभावित होगी।

ये खबर भी पढ़ें: SAIL Junior Manager Online Exam 2026: कर्मचारी देंगे जूनियर मैनेजर प्रमोशन परीक्षा 5 जुलाई को, ये जरूरी गाइडलाइन न करें नजरअंदाज

हाथ में वेतन बढ़ेगा, लेकिन भविष्य होगा कमजोर

यह सच है कि कम पीएफ कटौती होने से कर्मचारियों के हाथ में हर महीने कुछ अधिक वेतन आएगा। लेकिन यह केवल तात्कालिक लाभ है। लंबे समय में पीएफ पर मिलने वाले ब्याज, चक्रवृद्धि (कंपाउंडिंग) का लाभ तथा सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाली बड़ी राशि में उल्लेखनीय कमी आएगी। यानी आज थोड़ी राहत, लेकिन भविष्य में बड़ा नुकसान।

ये खबर भी पढ़ें: अधूरे वेतन समझौते और 39 माह के बकाया एरियर पर डॉ. संजीवा रेड्डी की SAIL चेयरमैन से मुलाकात जल्द, पढ़ें

कर्मचारियों को छला जाएगा इस नए पीएफ नियम से

सीटू का मानना है कि पीएफ योगदान को ₹1,800 तक सीमित करने का प्रस्ताव पहली नजर में कर्मचारियों को अधिक नकद वेतन मिलने का भ्रम पैदा करता है, लेकिन वास्तव में यह उनकी सेवानिवृत्ति सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और भविष्य की आर्थिक स्थिरता को कमजोर करने वाला कदम है। यदि ₹15,000 से अधिक मूल वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए वास्तविक वेतन के आधार पर नियोक्ता का अधिक पीएफ अंशदान अनिवार्य नहीं रखा गया, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान कर्मचारियों को ही उठाना पड़ेगा।

ये खबर भी पढ़ें: Central Government Employees News: महंगाई भत्ते के बाद चिल्ड्रेन एजुकेशन अलाउंस और हॉस्टल सब्सिडी बढ़ी, संशोधित आदेश जारी

नियोक्ताओं को अधिक लाभ, कर्मचारियों को कम सुरक्षा

इस व्यवस्था से सबसे अधिक लाभ नियोक्ताओं को होगा, क्योंकि उनका अनिवार्य पीएफ अंशदान भी ₹1,800 प्रतिमाह तक सीमित हो जाएगा। इससे कंपनियों की लागत कम होगी, जबकि कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा कोष में वृद्धि रुक जाएगी। श्रमिक संगठनों का मानना है कि श्रम सुधारों का उद्देश्य कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाना होना चाहिए, न कि नियोक्ताओं का वित्तीय बोझ कम करना।

सीटू का यह स्पष्ट मत है कि जिन कर्मचारियों का मूल वेतन ₹15,000 से अधिक है, उनके लिए नियोक्ता द्वारा वास्तविक वेतन के आधार पर अधिक पीएफ अंशदान देना अनिवार्य होना चाहिए, ताकि उनकी सामाजिक सुरक्षा और सेवानिवृत्ति निधि पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

‘BSP स्क्रैप चोरी Files 2: चोर ने खुद स्वीकारा, BSP अफसरों ने पुलिस को बताया, आधी रात को सुपरवाइजर को घर से उठाया’

स्वैच्छिक योगदान समाधान नहीं

सरकार यह कह रही है कि कर्मचारी चाहें तो स्वेच्छा से अधिक पीएफ जमा कर सकते हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि महंगाई, घरेलू खर्च, शिक्षा और स्वास्थ्य पर बढ़ते व्यय के कारण अधिकांश कर्मचारी अतिरिक्त स्वैच्छिक योगदान देने की स्थिति में नहीं होते। इसलिए अनिवार्य योगदान कम करना व्यावहारिक रूप से कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करना है।

‘BSP स्क्रैप चोरी Files 1: सिर्फ 5 हजार की सेटिंग, भोर में 5 बजे ट्रक में भरकर निकलता था करोड़ों का स्क्रैप’

सीटू की मांग और चेतावनी

सीटू का स्पष्ट मत है कि कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। यदि सरकार वास्तव में श्रमिकों के हित में सुधार करना चाहती है, तो पीएफ अंशदान की सीमा घटाने के बजाय सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाए, न्यूनतम पेंशन में वृद्धि करे, ईपीएस को मजबूत बनाए तथा कर्मचारियों के भविष्य निधि में अधिक बचत सुनिश्चित करे।

साथ ही, ₹15,000 से अधिक मूल वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए वास्तविक वेतन के आधार पर नियोक्ता का अधिक पीएफ अंशदान अनिवार्य बनाए रखा जाए। कर्मचारी के वर्तमान और भविष्य। दोनों की सुरक्षा सरकार और नियोक्ता की साझा जिम्मेदारी है।

ये खबर भी पढ़ें: BSP स्क्रैप चोरी Files 3: ठेका कंपनी हमेशा के लिए होगी बैन, लोहा चोरों को बड़ा मैसेज

About the Author

Azmat ali

Administrator

View All Posts

Post navigation

Previous: SAIL Junior Manager Online Exam 2026: कर्मचारी देंगे जूनियर मैनेजर प्रमोशन परीक्षा 5 जुलाई को, ये जरूरी गाइडलाइन न करें नजरअंदाज
Next: Stock Market Update: आंध्र प्रदेश में 16,350 करोड़ निवेश करेगी जेएसडब्ल्यू स्टील, बनेगा एकीकृत इस्पात संयंत्र

Related Stories

MoU between IGH Rourkela and ESIC cashless super specialty healthcare now available
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

IGH राउरकेला और ESIC में MoU, अब कैशलेस सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवा

Azmat ali 03/09/2026
bokaro-steel-plant-baks-office-bearers-met-two-cgms-regarding-employee-issues
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

Bokaro Steel Plant: BAKS बोला-प्लांट से कर्मचारी तक सब परेशान, समस्याओं का सीजीएम साहब कीजिए समाधान

Azmat ali 03/09/2026
Meeting between SAIL and union leaders at the Labour Commissioners office regarding outstanding arrears wage settlement, and transfers (1)
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

बकाया एरियर, वेतन समझौता, ट्रांसफर पर श्रमायुक्त कार्यालय में SAIL फिर फंसा, NJCS मीटिंग बुलाने का आदेश, 20 नवंबर को दोबारा बैठक

Azmat ali 03/09/2026

You May Have Missed

MoU between IGH Rourkela and ESIC cashless super specialty healthcare now available
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

IGH राउरकेला और ESIC में MoU, अब कैशलेस सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवा

Azmat ali 03/09/2026
bokaro-steel-plant-baks-office-bearers-met-two-cgms-regarding-employee-issues
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

Bokaro Steel Plant: BAKS बोला-प्लांट से कर्मचारी तक सब परेशान, समस्याओं का सीजीएम साहब कीजिए समाधान

Azmat ali 03/09/2026
Meeting between SAIL and union leaders at the Labour Commissioners office regarding outstanding arrears wage settlement, and transfers (1)
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

बकाया एरियर, वेतन समझौता, ट्रांसफर पर श्रमायुक्त कार्यालय में SAIL फिर फंसा, NJCS मीटिंग बुलाने का आदेश, 20 नवंबर को दोबारा बैठक

Azmat ali 03/09/2026
Tata Steel Bonus 2026 163 crore to be distributed among over 11,000 employees maximum bonus of 4 lakh
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

Tata Steel Bonus 2026: सभी कर्मचारियों में बंटेंगे 1686.92 करोड़, स्टील में अधिकतम साढ़े 4 लाख रुपए बोनस

Azmat ali 03/09/2026
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
Copyright © 2026 All rights reserved. | ReviewNews by AF themes.