सेक्टर-9 अस्पताल में करोड़ों खर्च कर निजी हाथों में सौंपने के बजाय चिकित्सक, नर्सिंग, तकनीकी स्टाफ की भर्ती करें।
- शनिवार को कैंटीन में यूनियन नेता पहुंचे और कर्मचारियों से आगे आने की अपील की।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के सेक्टर 9 हॉस्पिटल को बचाने का आंदोलन जारी है। संयुक्त ट्रेड यूनियन का कहना है कि सेक्टर-9 अस्पताल के भवन का व्यापक रिनोवेशन/नवीनीकरण कर उसे आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। करोड़ों की लेटेस्ट मशीन खरीदी गई। बिल्डिंग तक बन रही।
करोड़ों रुपये खर्च कर अस्पताल को नए स्वरूप में विकसित करने के बाद अब उसके संचालन को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी समझ से परे है। यदि अस्पताल का निजीकरण ही करना था, तो इतनी बड़ी सार्वजनिक पूंजी का निवेश किस उद्देश्य से किया गया? संयुक्त के पदाधिकारी लगातार अस्पताल और प्लांट के अंदर जन जागरुकता अभियान चला रहे हैं। शनिवार को कैंटीन में यूनियन नेता पहुंचे और कर्मचारियों से आगे आने की अपील की।
कर्मचारियों की पूंजी से तैयार हुआ है आधुनिक बुनियादी ढांचा
अस्पताल में नई ड्रग स्टोर बिल्डिंग का निर्माण, पुराने फर्श की जगह उच्च गुणवत्ता वाले बड़े आकार के टाइल्स, आधुनिक भवन व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार इस बात का प्रमाण है कि अस्पताल को दीर्घकालीन सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यह निवेश कर्मचारियों की मेहनत की कमाई से हुआ है, इसलिए इसका लाभ भी कर्मचारियों और आम जनता को ही मिलना चाहिए।
अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित अस्पताल
सेक्टर-9 अस्पताल में 3 टेस्ला एमआरआई, आधुनिक एक्स-रे मशीनें, पूरे अस्पताल में स्मोक सेंसर एवं फायर सेफ्टी सिस्टम तथा 850 बिस्तरों तक ऑक्सीजन पाइपलाइन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। यह स्पष्ट करता है कि अस्पताल को उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएं देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, न कि निजी संस्थाओं को सौंपने के लिए।
मरीजों की सुविधा के लिए व्यापक आधुनिकीकरण
अस्पताल का पूर्ण कंप्यूटरीकरण, केंद्रीकृत मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम, ऑनलाइन ब्लड टेस्ट की सुविधा तथा कैजुअल्टी में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने जैसे कदम मरीजों को बेहतर और तेज स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाए गए हैं। ज्ञात हो कि अत्याधुनिक मॉर्चरी का निर्माण किया गया जिसमें टेंपरेचर की लगातार मॉनिटरिंग होते रहती है ऐसे अस्पताल का निजीकरण जनहित और कर्मचारी हित दोनों के विपरीत होगा।
निजीकरण नहीं, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करें
संयुक्त ट्रेड यूनियन का स्पष्ट मत है कि कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके आश्रितों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। करोड़ों रुपये खर्च कर आधुनिक बनाए गए सेक्टर-9 अस्पताल को निजी हाथों में सौंपने के बजाय आवश्यक चिकित्सक, नर्सिंग एवं तकनीकी स्टाफ की भर्ती कर इसकी सेवाओं को और मजबूत किया जाए। अस्पताल सार्वजनिक संपत्ति है और इसे सार्वजनिक हित में ही संचालित रखा जाना चाहिए।

