Ram Vilas Paswan: रांची स्थित सेल एससी/एसटी इंप्लाइज फेडरेशन कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
- सेल कार्मिकों ने याद किए पूर्व इस्पात मंत्री रामविलास पासवान, स्वर्ण जयंती पर मिले 8 ग्राम सोने के सिक्के का भी किया जिक्र।
- केंद्रीय इस्पात मंत्री के रूप में रामविलास पासवान ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) को नई दिशा दी थी।
सूचनाजी न्यूज, रांची। पूर्व केंद्रीय इस्पात मंत्री रामविलास पासवान की जयंती के अवसर पर रांची स्थित सेल एससी/एसटी इंप्लाइज फेडरेशन कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। फेडरेशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और इस्पात क्षेत्र तथा सेल कर्मियों के लिए उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फेडरेशन के कार्यकारी अध्यक्ष जय प्रकाश ने कहा कि स्वर्गीय रामविलास पासवान की पहल से ही सेल में एससी/एसटी कर्मचारियों को एक मजबूत मंच मिला। उन्होंने कर्मचारियों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिसका लाभ आज भी कर्मचारी समुदाय को मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय इस्पात मंत्री के रूप में रामविलास पासवान ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) को नई दिशा दी थी। उन्होंने सेल के सभी संयंत्रों को अपने मुनाफे का दो प्रतिशत हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास जैसी सीएसआर गतिविधियों पर खर्च करने के निर्देश दिए थे, जिससे आसपास के क्षेत्रों के विकास को गति मिली।
सभा में वक्ताओं ने सेल की स्वर्ण जयंती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस ऐतिहासिक अवसर पर कर्मचारियों को 8 ग्राम सोने का सिक्का उपहार स्वरूप देने की घोषणा की गई थी। भिलाई में हुई इस घोषणा को आज भी सेल कर्मचारी गर्व और सम्मान के साथ याद करते हैं। इसे कर्मचारियों के प्रति सम्मान और संगठन से उनके जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है।
वक्ताओं ने कहा कि रामविलास पासवान केवल एक कुशल राजनीतिज्ञ ही नहीं, बल्कि श्रमिकों और वंचित वर्गों की आवाज थे। उन्होंने इस्पात मंत्रालय का नेतृत्व करते हुए कर्मचारियों के कल्याण और उद्योग के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उनके कार्यों और विचारों से आने वाली पीढ़ियां भी प्रेरणा लेती रहेंगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने उनके बताए मार्ग पर चलने तथा कर्मचारियों के हितों और सामाजिक सरोकारों के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

