कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का कहना है कि सेक्टर-6ए हेल्थ सेंटर, क्षेत्र के हजारों लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल के बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) के अस्पताल प्रबंधन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस्पात नगर के सेक्टर-6ए स्थित हेल्थ सेंटर को तत्काल प्रभाव से दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि हेल्थ सेंटर बंद करने के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।
बीएसएल कर्मचारियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी जब संबंधित डॉक्टर अवकाश पर चले जाते हैं, तब हेल्थ सेंटर बंद कर दिया जाता है। इससे सेक्टर-6 क्षेत्र में रहने वाले संयंत्र कर्मियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, अधिकारियों और उनके परिजनों को इलाज के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार, हेल्थ सेंटर पर चिकित्सकीय परामर्श लेने आने वाले मरीजों में बड़ी संख्या मेडिक्लेम सुविधा प्राप्त सेवानिवृत्त कर्मचारियों की होती है। ऐसे में हेल्थ सेंटर का बंद होना उनके लिए बड़ी समस्या बन जाता है।
डॉक्टर की छुट्टी पर वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
कारो अनाधिशासी कर्मचारी संघ के महासचिव हरिओम का कहना है कि यदि कोई डॉक्टर अवकाश पर जाते हैं तो बीएसएल अस्पताल प्रबंधन को दूसरे डॉक्टर की अस्थायी पदस्थापना करनी चाहिए, ताकि इलाज की व्यवस्था बाधित न हो। उनका कहना है कि हेल्थ सेंटर बंद करने के बजाय वैकल्पिक चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
फार्मेसी स्टाफ की कमी भी बनी समस्या
हेल्थ सेंटर में फार्मेसी स्टाफ की कमी भी लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। केंद्र सुबह और शाम दोनों समय खुलता है, लेकिन मरीजों को दवाएं केवल एक समय ही उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे मरीजों, विशेषकर बुजुर्ग और सेवानिवृत्त लोगों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं।
अस्पताल प्रबंधन से समाधान की अपेक्षा
स्थानीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का कहना है कि सेक्टर-6ए हेल्थ सेंटर क्षेत्र के हजारों लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और फार्मेसी स्टाफ की कमी जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, ताकि मरीजों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
हालांकि, इस संबंध में बीएसएल अस्पताल प्रबंधन की ओर से हेल्थ सेंटर को दो दिनों के लिए बंद किए जाने का कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। यदि प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है, तो उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।

