संयुक्त ट्रेड यूनियन बोली-इस्पात मंत्रालय और सेल प्रबंधन सुनियोजित तरीके से सेक्टर-9 अस्पताल और संयंत्र को निजीकरण की तरफ ले जा रहे।
- संयुक्त यूनियन ने नुक्कड़ सभा कर कर्मियों से किया जनसंपर्क, बांटे पर्चे।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेक्टर 9 हॉस्पिटल को बचाने का आंदोलन चल रहा है। रविवार सुबह संयुक्त यूनियन के नेतृत्व में बोरिया मार्केट के पास नुक्कड़ सभा आयोजित कर संयंत्र के कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों एवं आम नागरिकों से चर्चा की गई। इस दौरान अस्पताल के निजीकरण के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाते हुए पर्चे वितरित किए गए।
संयुक्त ट्रेड यूनियन इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, लोईमू, एक्टू, स्टील वर्कर्स यूनियन नेताओं ने सभी कर्मचारियों, अधिकारियों, यूनियन सदस्यों, सेवानिवृत्त कर्मियों तथा उनके परिवारों से अपील की कि वे 14 जुलाई, मंगलवार को शाम 6:00 बजे सेक्टर-9 अस्पताल के मुख्य द्वार पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होकर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की रक्षा के संघर्ष को मजबूत करें।
संघर्ष की गर्भ से ही निकलते हैं सफलता के रास्ते
संयुक्त यूनियन के नेताओं ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि बिना संघर्ष के कोई भी बड़ा अधिकार या उपलब्धि हासिल नहीं हुई है। दुनिया में जितने भी सकारात्मक परिवर्तन और जनहितकारी उपलब्धियाँ हुए हैं, वे संघर्ष की कोख से ही जन्मी हैं। इसलिए यदि सेक्टर-9 अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्था को बचाना है, तो हर कर्मचारी और नागरिक को अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाते हुए संघर्ष में उतरना होगा।
निजीकरण के बाद पछताने से नहीं होगा कोई लाभ
नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि इस्पात मंत्रालय और सेल प्रबंधन सुनियोजित तरीके से सेक्टर-9 अस्पताल सहित संयंत्र की विभिन्न व्यवस्थाओं को निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं। इसके विरोध में भिलाई सहित सेल की विभिन्न इकाइयों में लगातार आंदोलन चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि आज पूरी ताकत से निजीकरण का विरोध नहीं किया गया, तो निजीकरण होने के बाद उसके दुष्परिणामों पर केवल अफसोस जताने से कोई लाभ नहीं होगा। इसलिए समय रहते संगठित होकर संघर्ष करना ही सबसे बड़ा दायित्व है।
संघर्षों ने ही बदला है जनविरोधी नीतियों को
संयुक्त यूनियन ने कहा कि जब-जब सरकारों और प्रबंधन ने जनविरोधी नीतियों को जनता पर थोपने का प्रयास किया है, तब-तब संगठित जनसंघर्षों ने उन नीतियों को बदलने का काम किया है। संघर्ष के दौरान कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन अंततः जीत सत्य और जनता के एकजुटता की ही होती है। यही इतिहास का सबसे बड़ा सबक है।
अस्पताल बचाने के लिए एकजुट संघर्ष ही विकल्प
संयुक्त यूनियन ने सभी कर्मचारियों, अधिकारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों, उनके परिवारों तथा भिलाई की आम जनता से आह्वान किया कि वे 14 जुलाई के प्रदर्शन को सफल बनाकर यह स्पष्ट संदेश दें कि सेक्टर-9 अस्पताल जैसी सार्वजनिक संपत्ति किसी भी कीमत पर निजी हाथों में नहीं सौंपी जाएगी। यूनियन ने कहा कि अस्पताल बचाने, कर्मचारियों और आम जनता के स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा करने तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए एकजुट संघर्ष ही एकमात्र प्रभावी रास्ता है।
इंटक कार्यालय में हुई समीक्षा
दोपहर 12 बजे इंटक यूनियन कार्यालय सेक्टर 3 में संयुक्त ट्रेड यूनियनों की बैठक हुई, जिसमें 29 जून से 12 जुलाई तक विभिन्न विभागों के कैंटीन, अस्पताल के ओपीडी, वार्ड इत्यादि जगहों में पर्चा वितरण कर जन सम्पर्क अभियान की समीक्षा की गई। आगामी 14 जुलाई को सेक्टर 9 अस्पताल के निजीकरण के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन के संदर्भ में चर्चा करते हुए रूपरेखा तैयार किया गया।

