Employees Provident Fund Organisation: आवेदन EPFO Employer Portal के माध्यम से डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट या ई-साइन से जमा किए जाएंगे।
- विश्वास 2026′ योजना के तहत चार प्रकार के मामलों को शामिल किया गया है।
सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं और विभाग के बीच वर्षों से लंबित जुर्माना एवं क्षतिपूर्ति से जुड़े विवादों के समाधान के लिए ‘विश्वास 2026’ नामक एकमुश्त विवाद निपटान योजना शुरू की है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत शुरू की गई यह पहल 29 जून 2026 से लागू हो चुकी है और अधिसूचना की तारीख से छह महीने तक प्रभावी रहेगी।
इस योजना का उद्देश्य लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल तरीके से निपटारा, मुकदमेबाजी में कमी तथा स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देना है। इससे कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए नियोक्ताओं को पुराने मामलों का समाधान करने का अवसर मिलेगा।
किन मामलों को मिलेगा योजना का लाभ
विश्वास 2026′ योजना के तहत चार प्रकार के मामलों को शामिल किया गया है।
न्यायालय या अन्य न्यायिक मंच पर चुनौती दिए गए जुर्माना/क्षतिपूर्ति के आदेश।
अंतिम आदेश जारी होने के बावजूद जिन मामलों में वसूली लंबित है या आंशिक रूप से हुई है, जिनमें रिकवरी सर्टिफिकेट (RRC) वाले मामले भी शामिल हैं।
ऐसे मामले, जिनमें नोटिस जारी हो चुका है लेकिन अंतिम आदेश अभी पारित नहीं हुआ है।
ऐसे मामले, जिनमें अभी तक जुर्माना या क्षतिपूर्ति का नोटिस भी जारी नहीं किया गया है।
कम दर पर लगेगा जुर्माना
योजना के तहत 14 जून 2024 से पहले की अवधि से संबंधित चूकों पर क्षतिपूर्ति/जुर्माने की गणना रियायती दरों पर की जाएगी।
2 महीने तक की देरी: 0.25% प्रति माह
2 से 4 महीने से कम की देरी: 0.50% प्रति माह
4 महीने से अधिक की देरी: 1.00% प्रति माह
ईपीएफओ का मानना है कि कम दरों से नियोक्ता पुराने विवादों का जल्द निपटारा करने के लिए प्रेरित होंगे।
योजना का लाभ लेने के लिए क्या शर्तें हैं
योजना का लाभ लेने से पहले नियोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि धारा 7Q (EPF Act, 1952) या सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 127 के तहत देय पूरा ब्याज पहले ही जमा कर दिया गया हो। साथ ही, आवेदनकर्ता को यह भी लिखित रूप से स्वीकार करना होगा कि योजना के तहत विवाद का निपटारा होने के बाद वह उसी मामले में आगे कोई अपील नहीं करेगा।
इन मामलों को नहीं मिलेगा लाभ
जिन मामलों में जुर्माना या क्षतिपूर्ति की पूरी राशि पहले ही वसूल की जा चुकी है।
धोखाधड़ी, गबन या रिकॉर्ड में जानबूझकर हेराफेरी से जुड़े मामले।
जिन मामलों में वैधानिक ब्याज की पूरी राशि जमा नहीं की गई है।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
‘विश्वास 2026’ के लिए आवेदन EPFO Employer Portal के माध्यम से डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) या ई-साइन का उपयोग कर ऑनलाइन जमा किए जाएंगे। आवेदन की जांच, प्रसंस्करण और निपटान आदेश भी डिजिटल माध्यम से निर्धारित समय सीमा में जारी किए जाएंगे।
क्षेत्रीय कार्यालयों में बनेगा ‘विश्वास प्रकोष्ठ’
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ईपीएफओ ने सभी क्षेत्रीय, प्रादेशिक और जिला कार्यालयों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नियोक्ताओं की सहायता और आवेदनों के त्वरित निपटान के लिए प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय में ‘विश्वास प्रकोष्ठ’ स्थापित किया जाएगा। मुख्यालय और क्षेत्रीय स्तर पर योजना की नियमित निगरानी भी होगी।
ईपीएफओ ने सभी पात्र नियोक्ताओं से अपील की है कि वे इस एकमुश्त अवसर का लाभ उठाकर लंबित विवादों का समाधान करें और सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं मुकदमेबाजी-मुक्त बनाने में सहयोग दें।

