1 जनवरी 2017 से लंबित 39 माह के एरियर का तत्काल भुगतान है। साथ ही आरआईएनएल (RINL), NJCS का मुद्दा भी उठाया गया है।
- SAIL कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर बढ़ा दबाव।
सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के कर्मचारियों के 39 माह के बकाया एरियर का मामला एक बार फिर जोर पकड़ने लगा है। स्टील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (CITU) ने जुलाई-अगस्त 2026 के लिए देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू करते हुए प्रबंधन से लंबित एनजेसीएस (NJCS) मुद्दों का तत्काल समाधान करने की मांग उठाई है। अभियान का सबसे प्रमुख मुद्दा 1 जनवरी 2017 से लंबित 39 माह के एरियर का तत्काल भुगतान है। साथ ही आरआईएनएल (RINL) का मुद्दा भी उठाया गया है।
2017 से लंबित वेतन समझौते का मुद्दा फिर उठा
सीटू के मांग पत्र में कहा गया है कि 1 जनवरी 2017 से देय वेतन पुनरीक्षण का अंतिम समझौता आज तक कर्मचारियों के हित में पूरा नहीं हो सका। संगठन का आरोप है कि प्रबंधन ने कर्मचारियों की वैध मांगों को स्वीकार करने के बजाय उन्हें लगातार टालने का काम किया। दस्तावेज़ में यह भी उल्लेख है कि 2021 में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) में एरियर भुगतान की कोई स्पष्ट गारंटी नहीं दी गई, बल्कि इसे बाद में गठित होने वाली उपसमिति पर छोड़ दिया गया।
39 माह का एरियर तुरंत देने की मांग
सीटू ने अपने मांग पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि 39 माह का पूरा एरियर बिना किसी देरी के कर्मचारियों को दिया जाए। संगठन का कहना है कि यह कर्मचारियों का वैध अधिकार है और इसमें अब और विलंब स्वीकार्य नहीं है।
मांग पत्र में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
- 2022 में कम एमजीबी (MGB) की भरपाई के लिए सभी कर्मचारियों को अतिरिक्त वेतन वृद्धि।
- 39 माह के पूरे एरियर का तत्काल भुगतान।
- आरआईएनएल में नए वेतनमान का शीघ्र क्रियान्वयन।
- ठेका श्रमिकों के लिए स्पष्ट वेतन संरचना और वेतन वृद्धि।
- एचआरए, नाइट शिफ्ट, डासा (DASA) सहित सभी भत्तों में वृद्धि।
- नया S-12 ग्रेड लागू किया जाए।
- प्लांट के भीतर निजी ठेके पर आउटसोर्सिंग रोकी जाए।
- ठेका श्रमिकों की छंटनी बंद की जाए।
- सेल और आरआईएनएल की किसी भी इकाई का निजीकरण न किया जाए।
- सामाजिक सुरक्षा और ठेका कर्मचारियों का मुद्दा भी उठाया
ग्रेच्युटी और पेंशन पर भी फोकस
मांग पत्र में संगठन ने आरोप लगाया है कि ग्रेच्युटी व्यवस्था, एसपीटी (SAIL Pension Trust) और एसईएसबीएफ (SESBF) जैसे सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों में कर्मचारियों की सहमति के बिना बदलाव किए गए। साथ ही, ठेका श्रमिकों के वेतन, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार संरक्षण को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है।
कर्मचारियों से समर्थन की अपील
सीटू ने इस मुद्दे पर व्यापक जनसमर्थन जुटाने के लिए मास सिग्नेचर कैंपेन शुरू किया है। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों के साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त करने और लंबित मांगों के समाधान के लिए प्रबंधन को द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से जल्द निर्णय लेना चाहिए।

