कर्मचारियों द्वारा आवारा पशुओं से हो रही इन जानलेवा समस्याओं के संदर्भ में संयंत्र प्रबंधन को बार-बार सूचित किया जा चुका है।
- प्रबंधन की लापरवाही पर कर्मचारियों में भारी आक्रोश।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) परिसर के भीतर लगातार बढ़ती आवारा मवेशियों, बंदरों और सुअरों की संख्या ने कर्मचारियों के जीवन को खतरे में डाल दिया है। संयंत्र के विभिन्न कार्यस्थलों (Workplaces) में जानवरों के जमवाड़े के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिससे कर्मचारियों में भारी असुरक्षा का माहौल है। पूर्व में भी ऐसी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिन्हें प्रबंधन द्वारा रिपोर्टेबल हादसों की सूची में दर्ज तक नहीं किया गया।
ताज़ा मामला 9 अगस्त 2026 का है, जहाँ कोक ओवन क्षेत्र के अंतर्गत Tar प्लांट 1 के रेस्टरूम के पास कार्यरत जूनियर इंजीनियर समीर सैम्युअल पर एक सांड ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। सांड द्वारा जोर से पटके जाने के कारण उन्हें गंभीर आंतरिक चोटें (Internal Injuries) आई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 10 अगस्त 2026 को सेक्टर-9 अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें एक महीने के लिए अनफिट (Unfit) घोषित कर दिया है।
कर्मचारियों द्वारा आवारा पशुओं से हो रही इन जानलेवा समस्याओं के संदर्भ में संयंत्र प्रबंधन को बार-बार लिखित एवं मौखिक रूप से सूचित किया जा चुका है। इसके बावजूद प्रबंधन ने कभी भी इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया। प्रबंधन की इसी उदासीनता और लापरवाही का दुष्परिणाम आज हादसों के रूप में सामने आ रहा है।
संयंत्र के विभिन्न क्षेत्रों में जानलेवा स्थितियां
मरोदा गेट से प्लेट मिल मार्ग: दोनों ओर घने पेड़ होने के कारण बंदरों का कभी-कभी भारी जमावड़ा रहता है, जिससे राहगीरों और संयंत्र कर्मचारियों के आवागमन के दौरान हमले और भय का वातावरण बना रहता है।
मिल जोन एवं मेन गेट: इस क्षेत्र में आवारा सुअरों का प्रकोप बना हुआ है, जिससे कर्मचारियों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्लांट के आंतरिक वर्कशॉप व कार्य क्षेत्र: सांडों और मवेशियों के जमावड़े से कार्यस्थल पर सीधे तौर पर सुरक्षा जोखिम उत्पन्न हो रहे हैं।

