बीएसपी सेक्टर-9 अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग इंटक ने डॉक्टर उदय से की। ओपीडी टोकन अब 20 से बढ़कर 60।
- अब सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आवश्यकता के अनुसार दवाई रिपीट में दो माह की दवाई उपलब्ध कराने की सुविधा दी जाएगी।
- चार डॉक्टरों को अधिकृत किया गया है। इनमें डॉ. संबीता पंडा, डॉ. अन्नपूर्णी, डॉ. एस.के. शाह एवं डॉ. नीली कुजूर शामिल हैं।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील एम्प्लाइज यूनियन इंटक का प्रतिनिधिमंडल महासचिव संजय कुमार साहू के नेतृत्व में भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (प्रभारी) डॉ. उदय कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. उदय कुमार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (प्रभारी) का दायित्व संभालने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा सेक्टर-9 अस्पताल में कर्मचारियों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तार से चर्चा की।
महासचिव संजय कुमार साहू ने कहा कि इंटक यूनियन द्वारा पूर्व में भी सेक्टर-9 अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं में सुधार के लिए प्रबंधन के समक्ष विभिन्न मांगें रखी जाती रही हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बेहतर एवं समयबद्ध चिकित्सा सुविधा मिलना आवश्यक है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को रिपीट में दो माह की दवाई
डॉ. उदय कुमार ने बताया कि अब सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आवश्यकता के अनुसार दवाई रिपीट में दो माह की दवाई उपलब्ध कराने की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए चार डॉक्टरों को अधिकृत किया गया है। इनमें डॉ. संबीता पंडा, डॉ. अन्नपूर्णी, डॉ. एस.के. शाह एवं डॉ. नीली कुजूर शामिल हैं।
इंटक यूनियन ने रखी अस्पताल सुधार की मांगें
– डॉक्टर को दिखाने के लिए टोकन की संख्या बढ़ाई जाए।
– ओपीडी के सामने मरीजों के बैठने की व्यवस्था सुव्यवस्थित की जाए।
– अल्ट्रासाउंड एवं एमआरआई की वेटिंग समाप्त करने की व्यवस्था की जाए।
– मेडिसिन एवं अन्य विभागों की ऑनलाइन सुविधाओं में सुधार किया जाए।
– यूरोलॉजी विभाग में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
– न्यूरोलॉजी विभाग में डॉक्टरों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
– मेडिसिन विभाग में 90 दिनों के अंदर दोबारा दिखाने की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
– ऑनलाइन रिपोर्ट की वैधता 45 दिन से बढ़ाई जाए।
– ठेका श्रमिकों के मेडिकल परीक्षण के लिए स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाए।
– छोटी-मोटी बीमारियों के आधार पर ठेका श्रमिकों को अनफिट न किया जाए।
अस्पताल प्रबंधन ने दिए सुधार के आश्वासन
इंटक यूनियन की मांगों पर डॉ. उदय कुमार ने बताया कि डॉक्टर को दिखाने के लिए टोकन की संख्या 20 से बढ़ाकर 60 की जा रही है। ओपीडी के सामने मरीजों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था की जा रही है। अल्ट्रासाउंड एवं एमआरआई की वेटिंग कम करने एवं समाप्त करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा रही है तथा जल्द ही इसमें सुधार दिखाई देगा।
ऑनलाइन सुविधाओं के लिए टोकन की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। यूरोलॉजी विभाग में सितंबर से दो डॉक्टर उपलब्ध होंगे तथा ऑनलाइन व्यवस्था समाप्त होने के बाद सभी मरीजों को देखने की व्यवस्था की जाएगी।
न्यूरोलॉजी विभाग के लिए तीन डॉक्टरों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और जल्द ही यह सुविधा प्रारंभ होने की संभावना है। ऑनलाइन रिपोर्ट की वैधता को 45 दिन से बढ़ाकर 90 दिन करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जाएगी।
डॉ. उदय कुमार ने बताया कि सेक्टर-9 अस्पताल में और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उच्च प्रबंधन से चर्चा चल रही है तथा अस्पताल को अधिक से अधिक सर्वसुविधायुक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक में पूरन वर्मा, जी.आर. सुमन, गिरिराज देशमुख, मानिक राम जैनेंद्र, जे.के. सूर्यवंशी, सुरेश, श्याम कुंवर, शिव शंकर सिंह, सी.पी. वर्मा, गुरुदेव साहू, दीनानाथ सिंह, आर. दिनेश, संदीप कुमार, सिंड्रैला, मोहसिन एवं जिन दास सहित इंटक यूनियन के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।








