सीटू ने प्रबंधन पर दागा तीखा सवाल। विशेषज्ञ डॉक्टरों की विदाई। मरीज जाएं तो जाएं कहां? अनुबंध समाप्त होने से मंजूरी दें।
- विशेषज्ञ डॉक्टरों की विदाई केवल एक व्यक्ति के जाने का मामला नहीं है, बल्कि इससे हजारों मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित होती है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेक्टर 9 अस्पताल में वर्षों से सेवानिवृत्त विशेषज्ञ डॉक्टरों को अनुबंध पर नियुक्त कर उनकी सेवाएं ली जाती रही हैं। इन डॉक्टरों के पास बड़ी संख्या में कर्मी, अधिकारी, सेवानिवृत्त कर्मी और उनके परिजन इलाज कराते हैं। लंबे समय से चल रहे उपचार की निरंतरता भी इन्हीं विशेषज्ञों से बनी रहती है। लेकिन इस बार जिन विशेषज्ञ डॉक्टरों का अनुबंध समाप्त हो चुका है, उनकी सेवाएं जारी रखने के लिए समय पर आवश्यक मंजूरी और नया अनुबंध नहीं किया गया। परिणामस्वरूप विशेषज्ञ डॉक्टर अस्पताल से अलग हो रहे हैं और उनके पुराने मरीज परेशान हैं।
पहले से मालूम था अनुबंध समाप्त होगा, फिर तैयारी क्यों नहीं?
बीएसपी की पूर्व मान्यता प्राप्त यूनियन सीटू ने कहा-प्रबंधन को क्या यह पहले से पता नहीं था कि डॉक्टरों का अनुबंध किस तारीख को समाप्त होने वाला है? यदि पता था तो समय रहते मंजूरी और बजट की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवा समाप्त होने के बाद नए निर्णय लेना और मरीजों को असमंजस में छोड़ देना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है। अस्पताल जैसी आवश्यक सेवा को आखिरी समय के निर्णयों और फाइलों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।
बजट के नाम पर कौन से फैसले लिए जा रहे हैं?
सीटू का सवाल है कि क्या बजट की कमी या बजट स्वीकृति के नाम पर विशेषज्ञ सेवाओं में कटौती की जा रही है? यदि बजट संबंधी कोई समस्या है तो उसका समाधान मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था को बाधित करके क्यों किया जा रहा है? प्रबंधन को स्पष्ट करना चाहिए कि किन डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त हुई हैं, किनकी सेवाएं जारी रखने का प्रस्ताव लंबित है और बजट के नाम पर क्या निर्णय लिए जा रहे हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टर जाएं नहीं, मरीजों का इलाज रुके नहीं!
सेक्टर-9 अस्पताल के जिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर सेवानिवृत्ति होने वाली है, उनकी सेवानिवृत्ति से पहले ही उचित स्तर से अनुमोदन लेकर सेवाएं जारी रखने संबंधी आदेश जारी किया जाना चाहिए। इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों के अचानक चले जाने से मरीजों के इलाज, जांच और नियमित चिकित्सा सेवाओं में होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है।
अस्पताल बचाने के लिए जवाबदेही तय हो
विशेषज्ञ डॉक्टरों की विदाई केवल एक व्यक्ति के जाने का मामला नहीं है, बल्कि इससे हजारों मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित होती है। सीटू मांग करता है कि सेवानिवृत्त विशेषज्ञ डॉक्टरों की आवश्यक सेवाएं तत्काल जारी रखी जाएं और भविष्य में अनुबंध समाप्त होने से पहले ही आवश्यक मंजूरी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रबंधन ध्यान दे की सेक्टर-9 अस्पताल को कमजोर करने वाले हर निर्णय के लिए आज नहीं तो कल प्रबंधन को जवाब देना होगा।








