प्रबंधन की तानाशाही, जनरल शिफ्ट टाइमिंग, शनिवार फुल ड्यूटी, कुछ कर्मियों पर क्वार्टर भाड़ा का गलत आरोप, छुट्टियों पर बीएमएस मांग रहा वोट।
सूचनाजी न्यूज, बर्नपुर। सेल इस्को स्टील प्लांट बर्नपुर में गुरुवार को पहली बार मान्यता प्राप्त यूनियन का चुनाव होने वाला है। बीएमएस ने भी दावेदारी ठोकी है। आखिर बीएमएस किस आधार पर वोट मांग रहा है। इसका जवाब BIKS (BMS) महासचिव संजीत बनर्जी ने दिया है। उनका कहना है कि भारतीय मजदूर संघ ने लंबे संघर्ष के बाद आईएसपी के प्रत्येक कर्मचारियों को अपने यूनियन प्रतिनिधि का चुनाव करने का लोकतांत्रिक अधिकार लम्बे संघर्ष करके दिलाया। यह अधिकार कर्मचारियों की आवाज़ को मजबूत करने और अपने हितों के लिए स्वयं प्रतिनिधित्व चुनने का माध्यम है।
संजीत बनर्जी ने कहा-भारतीय मजदूर संघ आईएसपी में एकमात्र कर्मचारी नेतृत्व और कर्मचारी सहभागिता पर आधारित यूनियन है। हमारा मानना है कि कर्मचारियों की समस्याओं और जरूरतों को सबसे बेहतर तरीके से वही नेतृत्व समझ सकता है, जो स्वयं कर्मचारियों के बीच से आया हो और उनके साथ काम करता हो।
वहीं, आईएसपी के युवा कर्मचारियों के सामने कार्यस्थल और बर्नपुर क्षेत्र में सुविधाओं (टाउनशिप, हॉस्पिटल आदि) से जुड़ी अनेक चुनौतियाँ हैं। बेहतर सुविधाएँ, सम्मानजनक कार्य वातावरण और कर्मचारियों के हितों के लिए हम सब युवा ही लड़के ले सकते है।
आईएसपी के कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों (प्रबंधन की तानाशाही, जनरल शिफ्ट टाइमिंग, शनिवार फुल ड्यूटी, कुछ कर्मियों पर क्वार्टर भाड़ा का गलत आरोप, छुट्टियां जैसे मुद्दे) पर प्रबंधन के समक्ष प्रभावी ढंग से आवाज़ उठाने और उनके अधिकार की रक्षा करने में बीएमएस की कर्मठ, शिक्षित, ईमानदार और युवा नेतृत्व ने करके दिखाया है।



