बोकारो स्टील प्लांट: 45 से ज्यादा मुद्दे लंबित, धमन भट्ठी में भड़का बीएसएल कर्मचारियों का गुस्सा; प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन।
- यूनियन बोली-यदि प्रबंधन का रवैया नहीं सुधरा तो हम विवश होकर काले झंडे लेकर सामूहिक रूप से मौन जुलूस निकालेंगे और अपनी व्यथा व्यक्त करेंगे।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ के बैनर तले बीएसएल कर्मचारियों का दूसरे चरण का आंदोलन जारी है। इसके तहत विभिन्न प्रमुख विभागों के विभागाध्यक्ष कार्यालयों के सामने प्रदर्शन किया जा रहा है।
द्वितीय चरण के आंदोलन के पांचवें दिन धमन भट्ठी के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ के सदस्यों ने आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। वेज रिवीजन में धांधली, अवैध फॉर्मूला रद्द करने, इंसेंटिव फॉर्मूला में संशोधन करने में जानबूझकर विलंब करने तथा एनजेसीएस में गैर-निर्वाचित नेताओं को स्थान देने जैसे मुद्दों को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी है।
संघ का कहना है कि इन मुद्दों को लेकर कोर्ट केस भी चल रहे हैं। इसके अलावा 45 से अधिक मामले सेल कॉरपोरेट स्तर पर लंबित हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर बीएसएल कर्मचारियों में आक्रोश है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपने विभागीय मुख्य महाप्रबंधक के कार्यालय के समक्ष सेल कॉरपोरेट और बोकारो इस्पात संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सभा का संचालन विभागीय प्रतिनिधि अर्जुन मिंज ने किया। वक्ताओं ने सेल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि वेज रिवीजन-2017 में कर्मचारियों के प्रस्ताव की जगह प्रबंधन के प्रस्ताव को कथित रूप से अवैध तरीके से मंजूरी दी गई। वक्ताओं ने बोनस फॉर्मूला को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि एक ओर सेल प्रबंधन की ओर से कथित रूप से अवैध बोनस फॉर्मूला बनाया गया और दूसरी ओर कभी सब-कमेटी तो कभी कोर कमेटी के नाम पर गैर-निर्वाचित नेताओं और प्रबंधन के गठजोड़ के कारण कर्मचारियों को उनके श्रम का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
प्रदर्शन को महासचिव हरिओम, अध्यक्ष दिलीप कुमार, उपाध्यक्ष कृष्ण रजवार, कोषाध्यक्ष राहुल साव, उपमहासचिव माणिक मुंडा तथा कार्यकारिणी के सदस्यों ने संबोधित किया।
विभागीय प्रतिनिधि नीरज कुमार ने कहा, “हमारी लंबित मांगें पूरी नहीं होने के कारण फिलहाल हम सभी सांकेतिक रूप से विरोध दर्ज करा रहे हैं। इसके बावजूद यदि प्रबंधन का रवैया नहीं सुधरा तो हम विवश होकर काले झंडे लेकर सामूहिक रूप से मौन जुलूस निकालेंगे और अपनी व्यथा व्यक्त करेंगे।”
