भुवनेश्वर क्वालिटी अधिवेशन में शीर्ष औद्योगिक दिग्गजों और प्रख्यात शिक्षाविदों ने संयुक्त रूप से किया सम्मानित।
- देश में गुणवत्ता आंदोलन के विस्तार और 4 वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में निभाई अग्रणी भूमिका
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया (QCFI) के कार्यकारी निदेशक एवं भिलाई के वरिष्ठ मार्गदर्शक डीके श्रीवास्तव को गुणवत्ता प्रबंधन के क्षेत्र में उनके अप्रतिम योगदान के लिए प्रतिष्ठित “क्वालिटी रत्न सम्मान” से अलंकृत किया गया है। यह अलंकरण शिक्षा ‘ओ’ अनुसंधान (SOA) डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी, कैंपस-2, भुवनेश्वर के प्रांगण में आयोजित भव्य भुवनेश्वर क्वालिटी अधिवेशन के दौरान प्रदान किया गया।
समारोह में देश के प्रमुख औद्योगिक घरानों के शीर्ष नेतृत्व और प्रख्यात शिक्षाविदों ने संयुक्त रूप से डीके. श्रीवास्तव को शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पट्टिका भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान प्रदान करने वालों में शामिल रहे: शशि शेखर मोहंती, सीएमडी, एस्सार मीन मेट, डी. के. त्यागी, सीईओ, टाटा पावर (एनओडीएल), दीपक अग्रवाल, यूनिट हेड, जिंदल स्टेनलेस, जाजपुर,प्रो. (डॉ.) दामोदर आचार्य, अध्यक्ष (सलाहकार समिति-SOA यूनिवर्सिटी), पूर्व निदेशक-आईआईटी खड़गपुर एवं पूर्व अध्यक्ष- एआईसीटीई (AICTE), डॉ. पीके पात्रा, प्रो-वाइस चांसलर, SOA यूनिवर्सिटी, प्रो. (डॉ.) दुर्योधन जेना, SOA यूनिवर्सिटी, आरएस दास, सचिव, भुवनेश्वर चैप्टर आदि मौजूद रहे।
सत्यवान नायक ने किया प्रशस्ति पत्र का वाचन
सम्मान समिति के निर्णायक मंडल के सदस्य सत्यवान नायक ने प्रशस्ति पत्र का वाचन करते हुए डीके. श्रीवास्तव के बहुआयामी योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि श्री श्रीवास्तव देश में क्वालिटी सर्कल आंदोलन के विकास और आधुनिकीकरण के मुख्य सूत्रधार रहे हैं।
उन्होंने भारतीय उद्योगों में लीन क्वालिटी सर्कल (LQC) की अवधारणा को संस्थागत रूप दिया और पारंपरिक जापानी समस्या-समाधान तकनीकों को लीन सिद्धांतों से जोड़कर उत्पादन में अपव्यय (waste) को घटाने व दक्षता बढ़ाने का कार्य किया। इसके अतिरिक्त, जापानी वर्कप्लेस मैनेजमेंट सिस्टम 5S एवं TPM मानकों की स्थापना, देश भर में 35 से अधिक क्यूसीएफआई अध्या चैप्टरों का विस्तार तथा इंटरनेशनल कन्वेंशन ऑन क्वालिटी कंट्रोल सर्कल्स (ICQCC) के माध्यम से एक दर्जन से अधिक देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने में उनकी केंद्रीय भूमिका रही है।
उन्होंने ‘मिशन वन लाख’ और ‘मिशन वन मिलियन’ के माध्यम से गुणवत्ता टूल्स को भारी उद्योगों से आगे ले जाकर एमएसएमई, स्वास्थ्य, शिक्षा और घरेलू कार्यकुशलता तक पहुँचाया। उन्होंने दो लाख से अधिक लोगों को गुणवत्ता टूल्स में प्रशिक्षित किया है।
श्रीवास्तव के नेतृत्व में बने 4 विश्व रिकॉर्ड
प्रशस्ति पत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया गया कि श्री श्रीवास्तव के नेतृत्व में संस्था ने अमेरिका के प्रतिष्ठित ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड्स यूनियन’ द्वारा प्रमाणित 4 विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए: एकल आयोजन में सबसे अधिक सहभागिता,12 महीनों में सर्वाधिक फैकल्टी दिवस का आयोजन,क्वालिटी क्षेत्र में सर्वाधिक 10,243 आजीवन सदस्य, ‘5-S’ वर्कप्लेस मैनेजमेंट के तहत सर्वाधिक 405 इकाइयों का प्रमाणीकरण ।
उद्योग और शिक्षा जगत को जोड़ने में अतुलनीय भूमिका: मुख्य अतिथि
समारोह के मुख्य अतिथि एस्सार मीन मेट के सीएमडी शशि शेखर मोहंती ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि भारत में क्वालिटी अवधारणाओं के प्रचार-प्रसार, प्रशिक्षण तंत्र के सुदृढ़ीकरण और उद्योगों व शैक्षणिक संस्थानों को एक साझा मंच पर लाने में श्री डी. के. श्रीवास्तव के अथक प्रयासों की ऐतिहासिक भूमिका रही है।
सम्मान की घोषणा और अलंकरण के उपरांत खचाखच भरे सभागार में उपस्थित औद्योगिक प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और प्रतिभागियों ने खड़े होकर (Standing Ovation) देर तक करतल ध्वनि के साथ श्रीवास्तव का अभिनंदन किया।
