सेल बोनस एग्रीमेंट पर CITU ने नहीं किया साइन, इंटक, एटक, BMS, HMS करेगा अब सीटू का Boycott
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल बोनस मीटिंग से बड़ी खबर है। सेल प्रबंधन ने 32 हजार रुपए बोनस देने का प्रस्ताव रखा, जिसे चार यूनियनों ने स्वीकार कर लिया। सीटू को छोड़कर अन्य यूनियन इंटक, एचएमएस, बीएमएस और एटक ने साइन किया है। सीटू का कहना है कि बोनस फॉर्मूले के अनुसार 31 हजार 200 रुपए राशि बन रहा था। जबकि हम
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल बोनस मीटिंग से बड़ी खबर है। सेल प्रबंधन ने 32 हजार रुपए बोनस देने का प्रस्ताव रखा, जिसे चार यूनियनों ने स्वीकार कर लिया। सीटू को छोड़कर अन्य यूनियन इंटक, एचएमएस, बीएमएस और एटक ने साइन किया है। सीटू का कहना है कि बोनस फॉर्मूले के अनुसार 31 हजार 200 रुपए राशि बन रहा था। जबकि हम लोगों ने 40 हजार 500 रुपए की मांग की थी। महज 800 रुपए के लिए हम लोग साइन कैसे कर देते। दुर्गापुर, भिलाई, राउरकेला, बोकारो, सेलम, आइएसपी, विश्वेश्वरैया स्टील प्लांट और खदान से कर्मचारियों का फीडबैक लेने के बाद तय किया गया कि 40 हजार 500 से कम बोनस नहीं लेंगे। इस बात की जानकारी प्रबंधन और अन्य को दो दी गई। सभी लोग साइन कर चुके थे। इसलिए हम लोगों ने साइन करने से इन्कार कर दिया। ये खबर भी पढ़ें: Breaking News: सेल कर्मचारियों का बोनस 32 हजार तय, 25 हजार 600 ट्रेनीज को एटक के विद्यासागर गिरी, एचएमएस के राजेंद्र सिंह, इंटक के बीएन चौबे ने कहा-सीटू हर बार की तरह इस बार भी ऐन वक्त पर पीछे हट गई। पहले जब सहमति बनी तो हां में हां मिलाया। जब साइन करने की बारी आई तो तपन सेन जी से बात करने की बात बोलकर बाहर निकल गए। एनजेसीएस को खत्म करने की साजिश चल रही है। इसका हिस्सा भी सीटू बनता दिख रहा है। फॉर्मूला के अनुसार 31 हजार 200 रुपए बन रहा था। 32 हजार रुपए पर सहमति बनी। विद्यासागर गिरी का कहना है कि मेरे द्वारा 40 हजार रुपए बोनस देने की मांग की गई थी। जबकि सीटू ने ये मांग किया ही नहीं था। आज के समय में मजदूरों पर हमले हो रहे हैं। जब सबको मिलकर लड़ने की जरूरत है। ऐसे में मजदूर वर्सेस गैर मजदूर की भाव ट्रेड यूनियन विरोधी मानसिकता है। आज सेल में स्थिति बदतर है तो इसके पीछे कारण है कि वर्करों में यूनिटी नहीं है। इसको तोड़ने का कारण ऐसे लोग हैं। ये खबर भी पढ़ें: SAIL Bonus Meeting 2026 Live: 40 हजार 500 बोनस पर प्रबंधन की न, डायरेक्टर पर्सनल बात कर रहे सीएमडी से वहीं, इंटक बोकारो के महासचिव बीएन चौबे ने बताया की सभी यूनियनों ने मिलकर यह तय किया है की सीटू का बैठक में बायकाट करेंगे, क्योंकि सीटू बैठक में भाग लेती है। लेकिन वह हस्ताक्षर के समय वह पीछे हट जाती है। इसलिए सीटू के साथ अब कोई खड़ा नहीं होगा। अब एनजेसीएस की मीटिंग में सीटू के साथ हम लोग नहीं बैठेंगे। बीएमएस ने भी खुलकर बोल दिया है कि हम लोग भी अब सीटू का बायकॉट करेंगे। ये खबर भी पढ़ें: SAIL ISP बर्नपुर: ICU में डाक्टर से धक्का-मुक्की, गाली-गलौज, BMS अध्यक्ष को चार्जशीट, पढ़ें सभी पक्ष, Watch Video स्टील इंमप्लाइज यूनियन इंटक भिलाई के महासचिव संजय कुमार साहू ने कहा-बीएसपी कर्मचारियों को मिलने वाला बोनस 32000 रुपए सम्मानजनक है और भविष्य में फॉर्मूला में सुधार कर बेहतर बोनस दिलाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, बीएमएस के कार्यकारी अध्यक्ष वंश बहादुर सिंह का कहना है कि सीटू संयुक्त यूनियन की बात करता है। जब समझौते की बारी आती है तो पैर पीछे खींच लेता है। सीटू भिलाई के महासचिव टी. जोगा राव का कहना है कि हम कर्मचारियों के फीडबैक पर एनजेसीएस नेताओं ने फैसला लिया है। जिन लोगों ने साइन किया है, वह कर्मचारी तो है नहीं। इसलिए कर्मचारियों की पीड़ा समझ नहीं पा रहे हैं। 32000 बोनस पर सीटू ने साइन नहीं किया है, बाकी चार यूनियनों ने ₹32000 बोनस पर साइन कर दिया है। इसका मुख्य कारण है इनमें से तीन यूनियनों ने बोनस फार्मूला पर साइन कर चुकी हैं। इस आधार पर यह राशि तय हुई है। दूसरा जितने भी सदस्य NJCS में गए हैं, उनमें सीटू को छोड़कर कोई भी वर्तमान में सेल का एम्पलाई नहीं है। सीटू के ललित मोहन मिश्रा दुर्गापुर स्टील प्लांट और डीवीएस रेड्डी भिलाई स्टील प्लांट में कर्मचारी हैं। और इन्होंने कर्मचारियों की भावनाओं को प्रबंधन के सामने खुल कर रखा। लेकिन प्रबंधन नहीं माना और सीटू अंततः बोनस राशि पर बिना साइन किए वापस आ रहा है। ये खबर भी पढ़ें: सेल बोनस मीटिंग: दिल्ली में बड़ा फैसला थोड़ी देर में, ₹588 करोड़ ज्यादा कैश कलेक्शन पर कर्मचारी बोले-बोनस भी बढ़ाएं