Automobile Sector: देश भर से हट जाएगी 9 लाख गाड़ियां, भारत सरकार का बड़ा फैसला

  • पढ़िए आपके काम की रिपोर्ट। भारत सरकार का फैसला। सरकार के इस निर्णय से देश भर में पड़ेगा तगड़ा प्रभाव।

सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। भारत सरकार द्वारा समय-समय पर RTO से लेकर वाहन चालकों, वाहनों के नियमों में बदलाव किया जाता है। इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल्स (EV) के बढ़ते बाजार में पेट्रोल और डीजल कारों, हल्के मालवाहकों से लेकर भारी वाहनों के लिए कई नियमों में जरूरी संशोधन किए जा रहे है। Suchnaji.com में विस्तार से खबर पढ़िए।

इसे ही ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने बहुत बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले का असर देश के कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और कच्छ के रण से लेकर अरुणाचल प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा में तैनात वाहनों पर तगड़ा प्रभाव पड़ने जा रहा है।

Vansh Bahadur

दरअसल भारत सरकार ने नौ लाख (9,00,000) वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने का निर्णय लिया है। यह बड़ा निर्णय सरकारी विभागों में तैनात पुराने शासकीय वाहनों के परिप्रेक्ष्य में लिया गया है। रिपोर्ट पर नजर डालें तो अफसरों ने बयान में कहा है कि शासकीय गाड़ियों को क्रमबद्ध ढंग से हटा दिया जाएगा। इस निर्णय का प्रभाव ऐसे शासकीय वाहनों पर पड़ेगा जो डीजल से संचालित होते है। प्राप्त आंकड़ों पर नजर डाले तो फिलहाल ऐसे वाहनों की संख्या नौ लाख के करीब है।

बढ़ते प्रदूषण को लेकर देश में चिंता

इससे इतर सरकार ने देश में मौजूद कारों से उत्सर्जन (एमिशन) को नियंत्रण में रखने के लिए कड़े कानून भी लाए जाने पर विचार किया जा रहा है। ताकि देश भर में बढ़ते प्रदूषण के कारण कई क्षेत्र, जीव-जन्तुओं आदि में इसका दुष्प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। इसे ही ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रदूषण बढ़ाने वाले ऐसे वाहनों और वाहन चालकों पर नकेल कसे जाने का बड़ा फैसला किया है।

कंडम वाहनों को बाहर करने का रास्ता

गौरतलब है कि सरकारी विभागों में तैनात पुराने वाहन अधिकांशत: डीजल से संचालित होने वाली गाड़ियां है। जबकि सरकार के कई विभागों और उपक्रमों और निगमों में निजी वाहनों को रेंट पर लंबे समय के लिए लेकर विभागीय कामकाज को पूर्ण किया जा रहा है। ऐसे में कंडम होते शासकीय वाहनों को अपने बेड़े से बाहर करने का फैसला सरकार ने लिया है।