Bhilai Steel Plant: सीटू ने घेरा सीजीएम उत्पल दत्ता को, विभाग तरस रहे टेफलॉन टेप, टॉर्च की बैटरी, मिट्टी तेल के लिए

Bhilai Steel Plant CITU holds Meeting with CGM Utpal Dutta Department Upset over Teflon Tape Torch Batteries kerosene
  • भिलाई इस्पात संयंत्र अभी तक ऐसे छोटे-छोटे सामानों के लिए कई बार मजाक का पात्र बना है। 
  • टेफलॉन टेप के तर्ज पर ही टॉर्च में इस्तेमाल होने वाले बैटरी को भी बाहर से लाकर काम चलाना पड़ रहा है।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन, मैकेनिकल जोन की टीम एवं यूनियन के केंद्रीय नेतृत्व के पदाधिकारियों मैकेनिकल जोन के मुख्य महाप्रबंधक (शाप्स) उत्पल दत्त से मिलकर विभिन्न विभागों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा किया। बैठक में यूनियन की ओर से सत्यजीत गांगुली, एसएस के पनीकर, अनूप साहा, टी. जोगा राव, विजय जांगड़े, जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी, संतोष कुमार देवांगन, केवेंद्र सुंदर एवं डीवीएस रेड्डी मौजूद थे।

टेफलॉन टेप के लिए तरस रहा है पूरा संयंत्र

सीटू के उपाध्यक्ष संतोष पन्नीकर ने कहा कि मैकेनिकल जोन के अंदर कई महीनो से टेफलॉन टेप नहीं आ रहा है। हमें काम चलाने के लिए इसे मार्केट से खरीद कर लाना पड़ रहा है। यदि पूरे संयंत्र के स्तर पर देखे तो पूरा का पूरा संयंत्र ही टेफलॉन टेप के लिए तरस रहा है, जबकि टेफलॉन टेप की आवश्यकता मैकेनिकल फील्ड में अधिकांश जगहों पर पड़ता है। इस पर मुख्य महाप्रबंधक ने कहा कि हम अपने बजट से कुछ टेफलॉन टेप मंगाकर दे देंगे एवं ऊपर चर्चा करेंगे कि टेफलॉन टेप जल्दी से जल्दी मिले।

टार्च की बैटरी भी खरीद कर लाते हैं बाहर से

टेफलॉन टेप के तर्ज पर ही टॉर्च में इस्तेमाल होने वाले बैटरी को भी बाहर से लाकर काम चलाना पड़ रहा है। संयंत्र अभी तक ऐसे छोटे-छोटे सामानों के लिए कई बार मजाक का पात्र बना है। कभी जूट के लिए मैकेनिकल के लोग तरसते हैं तो कभी मिट्टी तेल की किल्लत संयंत्र के अंदर दिखाई देती है। किंतु प्रबंधन के जिन अधिकारियों को इन छोटे-छोटे विषयों पर ध्यान देना होता है। वे शायद इसी में पैसे बचाकर कॉस्ट कंट्रोल की बात करते होंगे। यदि ऐसा नहीं है तो इन सब चीजों की तुरंत व्यवस्था होनी चाहिए।

गर्मी आ गई है, लेकिन नहीं आया नया कूलर एवं कूलर का खस

सीटू ने कहा कि हर बार ठंड के मौसम से ही कूलर एवं उसमें लगाए जाने वाले पैड अर्थात खस एवं नए कूलर की मांग शुरू कर देते हैं। किंतु कूलर हर बार की तरह गर्मी समाप्त होने के बाद संयंत्र में आता है एवं जहां से पहले मांग की गई होती है वहां नहीं पहुंचकर कहीं और पहुंच जाता है। इस बार भी कुछ इसी तरह का नजारा देखने को मिल रहा है। अब देखना होगा कि मैकेनिकल जोन में इस व्यवस्था को किस तरीके से किया जा सकेगा।

  • सुरक्षा एवं वेलफेयर पर हुई सकारात्मक बातचीत

सीटू ने कहा कि बैठक में सुरक्षा एवं कर्मियों के वेलफेयर को लेकर विस्तार से चर्चा हुई एवं इन दोनों ही स्तरों पर सकारात्मक पहल करने की बात कही गई। मुख्य महाप्रबंधक ने यूनियन प्रतिनिधियों से कहा कि हर स्तर पर सुरक्षा को सामने में रखते हुए कार्य को करना है तभी कर्मियों को किसी भी किस्म के दुर्घटनाओं अथवा अप्रिय घटनाओं से बचाया जा सकता है।