EPF, ESI, ग्रेच्युटी और न्यूनतम पेंशन पर BMS नेता मिले श्रम मंत्री मनसुख मांडविया से, पढ़ें डिटेल

BMS Leaders Met Labour Minister Mansukh Mandaviya on EPF ESI Gratuity and Minimum Pension Read Details
  • बीएमएस प्रतिनिधिमंडल ने श्रम मंत्री से लंबित मुद्दों पर भेंट किया। मंत्री का सकारात्मक आश्वासन।

सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। कर्मचारियों के लंबित मुद्दों को लेकर हर कोई परेशान है। केंद्र सरकार से लगातार मांग की जा रही है। ईपीएफ और ईएसआई की वेतन-सीमा में वृद्धि, न्यूनतम पेंशन राशि को 1000 से पर्याप्त रूप से बढ़ाने और ग्रेच्युटी सीमा 30 लाख रुपए करने आदि की मांग को लेकर बीएमएस नेता श्रम मंत्री के पास पहुंचे।

भारतीय मज़दूर संघ (बीएमएस) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय श्रम एवं रोज़गार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से नई दिल्ली में भेंट कर श्रमिकों से जुड़े लंबे समय से लंबित राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर एक ज्ञापन सौंपा। मंत्री ने बीएमएस द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीएमएस के महामंत्री रविंद्र हिमते ने किया।

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ज्ञापन में बीएमएस ने प्रमुख मांगें रखीं

  • ईपीएफ और ईएसआई की वेतन-सीमा में वृद्धि
  • न्यूनतम पेंशन राशि को ₹1000 से पर्याप्त रूप से बढ़ाया जाए
  • भारतीय श्रम सम्मेलन (Indian Labour Conference) को शीघ्र आयोजित किया जाए
  • बोनस गणना की सीमा में वृद्धि
  • ग्रेच्युटी पात्रता को 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन किया जाए
  • सभी स्कीम वर्कर्स के मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि में वृद्धि

आईओसीएल, टेलीकॉम कंपनियों, ईएसआईसी, एयर इंडिया का जिक्र

बीएमएस ने निजी, सार्वजनिक एवं सरकारी क्षेत्रों में कार्यरत विभिन्न प्रकार के संविदा श्रमिकों की दयनीय स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से आईओसीएल, निजी टेलीकॉम कंपनियों, राज्य विद्युत बोर्ड, ईएसआईसी, एयर इंडिया एक्सप्रेस, कुडनकुलम परमाणु परियोजना आदि से जुड़े मामलों का उल्लेख किया।

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ठेका श्रमिकों के वेतन पर भी बात

बीएमएस ने सरकार से यह भी आग्रह किया कि संविदा श्रम (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम, 1970 की धारा 25(2)(5)(A) का सख्ती से पालन कराया जाए, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि-“संविदा श्रमिक को उसी प्रतिष्ठान में नियोजित स्थायी कर्मचारी के समान और समान प्रकृति का वेतन दिया जाना चाहिए।”

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ठेकेदारों एवं एजेंसियों पर एक्शन की मांग

बीएमएस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की, जो श्रमिकों का शोषण और उत्पीड़न कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल ने देशभर में निजी परिवहन क्षेत्र से जुड़े सभी प्रकार के चालकों (Drivers) के लिए एक कल्याण क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में आईपीओ के विषय में माननीय श्रम मंत्री जी ने वित्त मंत्री जी से चर्चा करके इसके अविलम्ब समाधान का बोर्ड स्थापित करने की मांग भी रखी।

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प्रतिनिधिमंडल में ये थे शामिल

प्रतिनिधिमंडल में सुरेंद्र कुमार पांडेय (उप महामंत्री), बी. सुरेन्द्रन (राष्ट्रीय संगठन मंत्री), राष्ट्रीय मंत्री गिरीश आर्य एवं रामनाथ गणेशे, तथा क्षेत्रीय संगठन मंत्री अनुपम शामिल थे। मंत्री ने सभी मुद्दों को गंभीरतापूर्वक सुना, उनके प्रभावों पर चर्चा की और आश्वासन दिया कि सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक कदम उठाएगी।

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