नई कोक ओवन बैटरी का काम 30 सितंबर तक पूरा करने की चुनौती। सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पंडा करेंगे मौके के निरीक्षण। मजदूरों से संवाद भी।
- महात्मा गांधी कला मंदिर में दोपहर में ठेका मजदूरों के साथ सुरक्षा के विषय पर संवाद करेंगे।
- बोकारो स्टील प्लांट के सिंटर प्लांट में कार्य को लेकर आपत्ति होने पर ठेका कंपनी पर कार्रवाई हुई थी।
अज़मत अली, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) से भिलाई स्टील प्लांट की नई कोक ओवन बैटरी को लेकर बड़ी खबर है। ठेका कंपनी भिलाई इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (BEC) पर कार्रवाई और भुगतान रोके जाने के बाद अब प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने की कवायद तेज हो गई है। इसकी जमीनी स्थिति और काम की प्रगति का जायजा लेने के लिए सेल सीएडी (CMD) डॉ. अशोक कुमार पंडा भिलाई स्टील प्लांट पहुंच रहे हैं।
सीएमडी शनिवार को बीएसपी आएंगे और प्लांट में कोक ओवन बैटरी के निर्माण कार्य का मौके पर निरीक्षण करने के साथ संबंधित अधिकारियों से चर्चा करेंगे। इसके अलावा दोपहर करीब साढ़े 3 बजे कला मंदिर में सुरक्षा को लेकर ठेका श्रमिकों के साथ संवाद कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
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850 करोड़ के प्रोजेक्ट में बीईसी के पास था 250 करोड़ का काम
भिलाई स्टील प्लांट की नई कोक ओवन बैटरी के निर्माण का काम वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। प्रोजेक्ट का काम मेकॉन के माध्यम से चल रहा था। कोविड-19 के दौरान लागत बढ़ने को लेकर मेकॉन ने आपत्ति दर्ज कराई और वर्ष 2021 में काम छोड़ दिया।
इसके बाद बचे हुए काम को पूरा करने के लिए भिलाई इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (BEC) को एल-1 के आधार पर ठेका दिया गया। पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 850 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जिसमें से लगभग 250 करोड़ रुपये का काम बीईसी के हिस्से में था। कोक ओवन बैटरी नंबर-8 से जुड़े काम के अलावा कंपनी सेल के दूसरे संयंत्रों में भी काम कर रही थी। बोकारो स्टील प्लांट के सिंटर प्लांट में भी बीईसी का काम चल रहा था।
कार्रवाई के बाद कई जगहों पर भुगतान अटका
कंपनी के खिलाफ बोकारो स्टील प्लांट में सामने आए दस्तावेजों और लगाए गए आरोपों के आधार पर सेल स्तर पर कार्रवाई की गई। कंपनी को प्रतिबंधित किए जाने के साथ भुगतान रोकने और रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की गई। इसका असर उन दूसरे सेल संयंत्रों पर भी पड़ा, जहां कंपनी के काम चल रहे थे। कंपनी से जुड़े भुगतान कई स्थानों पर रोक दिए गए, जिससे संबंधित प्रोजेक्टों की रफ्तार प्रभावित हुई। इधर, इस्पात मंत्रालय की ओर से परियोजना को जल्द पूरा करने पर जोर है। ऐसे में बीएसपी के सामने चुनौती यह है कि लंबित काम को किस तरह तेजी से पूरा कराया जाए।
सब-वेंडरों को सीधे भुगतान कराकर काम आगे बढ़ाने की कोशिश
प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए बीएसपी अब सब-वेंडरों को सीधे भुगतान कराकर काम जारी रखे है। कोक ओवन बैटरी के लिए बीईसी की ओर से पहले ऑर्डर किए गए सामान की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। संबंधित कंपनियों की ओर से सप्लाई रोक दिए जाने के बाद बीएसपी स्तर से भुगतान की व्यवस्था कर सामग्री की आपूर्ति जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि बीएसपी के अधिकारी दूसरे राज्यों में भी भेजे गए हैं, ताकि वहां से तैयार सामग्री का डिस्पैच कराया जा सके और भिलाई में निर्माण कार्य प्रभावित न हो।
30 सितंबर की डेडलाइन, लेकिन बारिश ने बढ़ाई चुनौती
फिलहाल प्रोजेक्ट को 30 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि मौके पर चल रहे काम की रफ्तार और लगातार बारिश को देखते हुए इस समयसीमा को लेकर चुनौती बनी हुई है। प्रोजेक्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बारिश के कारण काम की गति प्रभावित हुई है। ऐसे में अक्टूबर के पहले सप्ताह तक काम पूरा होने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है। हालांकि अंतिम स्थिति सीएमडी के निरीक्षण और प्रोजेक्ट की मौजूदा प्रगति की समीक्षा के बाद ज्यादा स्पष्ट होगी।
दो पैकेज में बंटा है बड़ा काम
नई कोक ओवन बैटरी से जुड़े काम को मुख्य रूप से दो पैकेज में बांटा गया है। पैकेज-1 में बैटरी नंबर-7 और 8 की री-बिल्डिंग से संबंधित काम है, जबकि पैकेज-2 में मशीनरी, पुशर कार, चार्जिंग कार सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। दोनों पैकेज का काम बीईसी को दिया गया था। कंपनी ने वर्ष 2022 में बीएसपी में काम शुरू किया था। वर्ष 2025 में कंपनी पर आरोप सामने आने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई और काम प्रभावित हुआ। अब लंबित परियोजना को पूरा करना बीएसपी प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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सीएमडी के दौरे से पहले प्रोजेक्ट विभाग में हलचल
सीएमडी के दौरे को देखते हुए बीएसपी के प्रोजेक्ट विभाग में गतिविधियां तेज हो गई हैं। अधिकारियों की बैठकों का दौर चल रहा है। शाम को भी उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों और प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई।
अब सबकी नजर सीएमडी के निरीक्षण और उसके बाद होने वाली समीक्षा पर है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अड़चनों के बीच नई कोक ओवन बैटरी का काम 30 सितंबर की निर्धारित समयसीमा में पूरा हो पाएगा या डेडलाइन आगे बढ़ेगी।
