स्टील ठेका श्रमिक यूनियन (इंटक) की कार्यकारिणी बैठक में ठेका श्रमिकों को केंद्रीय न्यूनतम वेतन देने की मांग की गई।
- बीएसपी के उत्पादन और विकास में ठेका श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील ठेका श्रमिक यूनियन (इंटक) की कार्यकारिणी की बैठक यूनियन कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) प्रबंधन से मांग की गई कि सभी ठेका श्रमिकों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित केंद्रीय न्यूनतम वेतन का लाभ तत्काल प्रभाव से प्रदान किया जाए। यूनियन का कहना है कि ठेका श्रमिक संयंत्र के उत्पादन, रखरखाव एवं विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उन्हें उनका वैधानिक अधिकार मिलना चाहिए।
यूनियन अध्यक्ष संजय कुमार साहू ने कहा कि केंद्र सरकार समय-समय पर न्यूनतम वेतन में संशोधन करती है, लेकिन कई ठेका श्रमिकों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह स्थिति श्रम कानूनों की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में श्रमिकों और उनके परिवारों के सम्मानजनक जीवन-यापन के लिए जीने लायक वेतन अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बीएसपी के उत्पादन और विकास में ठेका श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए उन्हें केंद्रीय न्यूनतम वेतन, परिवर्तनीय महंगाई भत्ता एवं अन्य वैधानिक सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जा सकता। श्रमिकों के हितों की रक्षा करना प्रबंधन की नैतिक एवं कानूनी जिम्मेदारी है।
यूनियन ने मांग की है कि सभी ठेका श्रमिकों को केंद्रीय न्यूनतम वेतन, महंगाई भत्ता ईपीएफ, ईएसआई तथा अन्य वैधानिक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही वेतन भुगतान में पूर्ण पारदर्शिता लाई जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाए।
इंटक ने चेतावनी दी है कि यदि ठेका श्रमिकों को केंद्रीय न्यूनतम वेतन एवं अन्य वैधानिक सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो यूनियन श्रमिकों के हित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी बीएसपी प्रबंधन की होगी।
बैठक में सी.पी. वर्मा, दीनानाथ सिंह सार्वा, आर. दिनेश, गुरुदेव साहू, मनोहर लाल, किशोर प्रधान, ताम्रध्वज सिन्हा, राजकुमार, जयराम ध्रुव, संतोष ठाकुर, कान्हा राम, बलराम वर्मा, कामता प्रसाद, दामन लाल, संजीव माणिकपुरी, के. रामू, संजय कुमार, देवेंद्र कुमार, कुलेश्वर एवं समस्त कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे।

