BAKS बोला-कर्मचारियों से जुड़े 40 से अधिक मुद्दे लंबित। सेल मैनेजमेंट मुद्दे हल करने की जगह कर्मचारियों की जिंदगी बर्बाद करने पर जुटा।
- अस्पताल के निजीकरण तथा कर्मचारियों के मुद्दे पर बीएसपी कर्मचारी 29 जून को ब्लैक बैज लगाएं।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने निदेशक प्रभारी भिलाई इस्पात संयंत्र सहित सेल से जुड़े सभी स्टेक होल्डर को पत्र लिखकर सेक्टर 9 अस्पताल के निजीकरण के विरुद्ध बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दिया है। जिसकी शुरुआत में यूनियन द्वारा 30 जून को जेएलएन अस्पताल सेक्टर 9 के सामने प्रदर्शन कर किया जाएगा।
जेएलएन अस्पताल एंड रिसर्च अनुसंधान भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों, उनके आश्रितो के लिए एक जीवनरेखा है। किसी भी सरकारी संस्थान का पूर्व में किए गए निजीकरण का अनुभव बेहद खराब रहा है। उदाहरण के रूप में बीएसपी के जमीन/भवनों में संचालित निजी विद्यसलयों के कारण धीरे-धीरे बीएसपी द्वारा संचालित सभी विद्यालय या तो बंद कर दिया गया है या बेहद खराब हालत में संचालित किया जा रहा है।
इसका नकारात्मक प्रभाव सभी बीएसपी कर्मियों को मंहगे शिक्षा शुल्क देकर, बच्चो को पढ़ाना पर रहा है। वैसे ही अगर JLN हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर भिलाई का निजीकरण होता है तो शिक्षा के बाद सभी स्वास्थ्य सेवा महंगी हो जाएंगी तथा उपचार की गुणवत्ता भी खराब हो जाएगा, क्योंकि कोई भी निजी संस्थान, सेवा कम पैसा कमाने के लिए काम करती है। यदि हम सीधे शब्दों में कहे तो निजी संस्थान लाभकारी संस्था के रूप में काम करती है।
इसके बाद में नकारात्मक प्रभाव बीएसपी कार्मिकों, उनके आश्रितो तथा सेवानिवृत कार्मिको को उठाना पड़ेगा। उसमें भी निजीकरण का निर्णय, सेल /बीएसपी प्रबंधन के उपर भी सवालियाँ निशान पैदा कर रहा है कि यही सेल/बीएसपी प्रबंधन कई दशक से खुद के बल पर उपरोक्त अस्पताल का संचालन कर रही है।
एक समय जेएलएन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर भिलाई सहित पूरे छत्तीसगढ़ तथा मध्य भारत में अपनी सेवाओं, चिकित्सा की गुणवत्ता, दवाओं की गुणवत्ता के लिए नम्बर एक संस्थान के रूप में जाना जाता था। वहीं, गलत प्रबंधन तथा नीति के कारण धीरे-धीरे उक्त अस्पताल की गुणवत्ता में कमी आई है, जिसको कभी भी अच्छे प्रबंधन-नीतियों में सुधार कर सुधारा जा सकता है।
यूनियन का कहना है कि यह खुद बीएसपी प्रबंधन के लिए चुनौती भी है कि सीमित संसाधन तथा कम क्षमता वाले निजी अस्पताल अपने प्रबंधन के बल पर बेहतर सेवा दे रहे है तो इतना बड़ा जेएलएन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, जिसके पास लगभग सभी तरह के संसाधन मौजूद है। उच्च गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्टाफ, फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ,अत्याधुनिक तकनीकी से लैश मशीनें, विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर है। केवल उच्च गुणवत्तापूर्ण चिकित्सक तथा मेडिकल में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या में होना है। जो भी चिकित्सक या कर्मचारी मेडिकल विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं उसके स्थान पर उचित अनुपात में सेल प्रबंधन ने भर्तियां करना उचित नहीं समझा है। इसके विपरीत सेल प्रबंधन इसका निजीकरण करने पर जोर दे रहा है।
यदि आज भी सेल प्रबंधन उच्च गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ़, नर्सिंग स्टाफ, लैब तकनीकी विशेषज्ञ तथा फार्मासिस्ट की भर्ती उचित अनुपात में वास्तविक सुविधाओं के साथ करता तो यह अपने द्वारा अर्जित फण्ड के द्वारा ही कर लेता। जेएलएन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर भिलाई के निजीकरण के विरुद्ध यूनियन के सभी पदाधिकारी और भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारी विरोध प्रदर्शन करेंगे।
विरोध-प्रदर्शन का शेड्यूल
29/06/2026 समय 06:00 बजे सुबह से 30/06/2026 को समय 10:00 बजे रात तक बीएसपी कर्मचारी सभी विभागो में ब्लैक बैज लगाकर कार्य करेंगे।
30/06/2026 को जेएलएन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर भिलाई के सामने शाम 6:15 बजे से 7:30 बजे तक शांती पूर्ण ढंग से विराट विरोध प्रदर्शन करेंगे।
अध्यक्ष अमर सिंह बोले…
सेल या उसकी यूनिट किसी अधिकारी, नेता, पार्टी की पैतृक संपत्ति नहीं है, बल्कि राष्ट्र के लाखों करोड़ों करदाताओं तथा नागरिको की संपत्ति है। कर्मचारियों से जुड़े 40 से अधिक मुद्दे पेंडिंग हैं, परंतु सेल मैनेजमेंट मुद्दे हल करने की जगह कर्मचारियों की जिंदगी बर्बाद करने पर ध्यान लगाए हुए है।
अमर सिंह, अध्यक्ष-बीएकेएस भिलाई

