लीज़धारियों के लिए बीएसपी आफिसर्स एसोसिएशन ने ईडी एचआर से की बड़ी मांग, अच्छे मकान की बढ़ी उम्मीद

BSP Officers Association Made a Big Demand to ED HR for the Lease Holders
  • बीएसपी में 35 से 40 वर्षों की सेवा करने वाले सेवानिवृत्त कार्मिक वैध लीजधारी लाखों का भुगतान करके मकानों को लीज में लिया था, उन्हें भी अवैध कब्जाधारियों के समतुल्य माना जा रहा है।
  • सेक्टर-6 के इन मकानों में रहने वाले थर्ड पार्टी कब्जाधारियों को रिसाली सेक्टर के मकानों का आबंटन नगर सेवा विभाग द्वारा कुछ समय पहले किया गया है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। बीएसपी आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष  नरेन्द्र कुमार बंछोर ने कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधान)  पवन कुमार से चर्चा कर उनसे आग्रह किया है कि असुरक्षित घोषित भवनों में निवासरत लीजधारकों को समतुल्य सुरक्षित मकान प्रदान करने हेतु सुगम योजना बनायी जाए। जिसके अंतर्गत लीजधारकों को लीज योजना में किए गए भुगतान के अनुसार समतुल्य मकान प्रदान किया जाए, न कि मकानों की श्रेणी को देखा जाए।
विदित हो कि भिलाई इस्पात संयंत्र ने 5 चरणों में लगभग 4500 मकानों को लीज पर दिया था। अनुबंध के दौरान लीजधारकों ने उस समय के बाजार भाव के हिसाब से भुगतान किया था। भिलाई टाउनशिप के मकानों को वर्ष 2000 से 2004 के मध्य सेल कार्मिकों को लीज योजना के अंतर्गत लीज पर दिया गया था।
वर्तमान में हास्पिटल सेक्टर व सेक्टर-6 के कई मकान जो कि लीज पर दिये गये थे, अत्यंत जर्जर स्थिति में है। नगर सेवा विभाग के द्वारा उन भवनों को असुरक्षित घोषित किया जा चुका है, जिसके उपरांत उन असुरक्षित भवनों में सिर्फ लीजधारी निवासरत हैं।
श्री बंछोर ने बताया कि लीजधारी भिलाई इस्पात संयंत्र के वर्तमान/भूतपूर्व कार्मिक हैं। वे अत्यंत ही असुरक्षित स्थिति में इन भवनों में निवासरत है। सेल प्रबंधन के समक्ष उनके द्वारा अनेकों बार उनके आवास के समतुल्य अन्य सुरक्षित आवास प्रदान किये जाने की प्रार्थना की जा चुकी है।
ओए-बीएसपी भिलाई के सुरक्षित परिवेश को बचाये रखने के लिए हमेशा  इन असुरक्षित भवनों को खाली कराकर जमींदोज़ करने का आग्रह करता रहा है। इस पहल से इन असुरक्षित घोषित भवनों से संभावित र्दुघटनाएं टाली जा सकती है।
इस पहल से सेक्टर-06 के सभी असुरक्षित भवनों को जमीदोज़ किया जा सकेगा और असुरक्षित भवनों में कब्जा कर असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त तत्वों को भिलाई टाउनशिप से बाहर किया जा सकेगा तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्मिकों के लिए नये आवास का निर्माण भी किया जा सकेगा।
एनके बंछोर ने बीएसपी प्रबंधन से कहा कि पूर्व प्रबंधन के एक गलत निर्णय के तहत  कुछ वर्षों पहले हजारों मकान अवैध कब्जाधारियों को भिलाई टाउनशिप में लाइसेंस में मकान दिए गए थे एवं देश के किसी सार्वजनिक उपक्रम में इस तरह के फैसले कभी नहीं होते। उनमें कई मकान हास्पिटल सेक्टर व सेक्टर-6 में इन कब्जाधारियों को लाइसेंस में दिए गए थे।
सेक्टर-6 के इन मकानों में रहने वाले थर्ड पार्टी कब्जाधारियों को रिसाली सेक्टर के मकानों का आबंटन नगर सेवा विभाग द्वारा कुछ समय पहले किया गया है। यह एक विडम्बना है कि बीएसपी में 35 से 40 वर्षों की सेवा करने वाले सेवानिवृत्त कार्मिकों को जो वैध लीजधारी हैं एवं लाखों का भुगतान करके इन मकानों को लीज में लिया था, उन्हें भी अवैध कब्जाधारियों के समतुल्य माना जा रहा है।