BSP PBS 2 Accident Update: इमरजेंसी एग्जिट पर बड़ी खबर, ED वर्क्स ने CITU से कहा-2 साल पहले के सुझाव को फॉलो क्यों नहीं किए…

BSP PBS 2 Accident Update News on Emergency Exit ED Works Asks CITU-Why Did you not Follow the Suggestion Given 2 Years Ago
  • ईएसआईसी के माध्यम से इलाज कराने ठेकेदार बाहर ले जाते हैं। जबकि इलाज की पूरी जिम्मेदारी बीएसपी द्वारा सुनिश्चित हो।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के पीबीएस 2 हादसे पर ताज़ा अपडेट आया है। सीटू की टीम ने पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन 2 में हुई अग्नि दुर्घटना स्थल का दौरा किया। प्रथम दृष्टया पाया कि दुर्घटना स्थल पर पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन है, पर्याप्त मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ है एवं आग लगने के लिए सहायता करने वाली पर्याप्त गर्मी भी मौजूद है।

किंतु इसके पहले की दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए उक्त स्थान पर अग्नि दुर्घटना भी हो सकती है, ऐसी आशंका की कमी तथा ऐसी आशंका को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा उपाय न करने के कारण पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन 2 की अग्नि दुर्घटना एवं उसके बाद वहां कार्य करने वाले कर्मियों को विपरीत परिस्थितियों में बाहर निकलने की घटना हुई है।

सीटू ने लगभग 2 साल पहले कहा था यहां इमरजेंसी एग्जिट बनाने के लिए

सीटू ने कहा कि पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन 1 में हुई अग्नि दुर्घटना को ध्यान में रखते हुए सीटू ने लगभग 2 साल पहले इमरजेंसी एग्जिट बनाने की बात कही थी। वहां के उच्च अधिकारी ने चर्चा के बाद इस बात को मना भी लिए थे, किंतु उसके बाद इस बात पर ना तो प्रबंधन ने ध्यान दिया। ना ही यूनियन ने दोबारा से उस बात पर जोर दिया, जिसके परिणाम स्वरूप आज कर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए विपरीत परिस्थितियों में ऊपर से नीचे उतरने अथवा ऊपर से छलांग लगाने जैसी स्थिति निर्मित हुई।

कार्यपालक निदेशक संकार्य ने कहा आप लोग अपनी ही सुरक्षा पर नहीं देते हैं ध्यान

कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार सीटू नेताओं के साथ बातचीत करते हुए कहा कि आप लोग ने दो साल पहले एग्जिट प्लान के लिए इमरजेंसी एग्जिट की बात कह कर छोड़ दिया। किंतु दोबारा उसे बनवाने के लिए पीछे नहीं पड़े। यदि आप लोग अपनी ही सुरक्षा के लिए ध्यान नहीं देंगे तो कैसे चलेगा, इस पर सीटू नेता ने कहा कि हम आपकी बात से सहमत है कि यदि हम इमरजेंसी एग्जिट बनाने की बात रखने के बाद उसे फॉलो अप किए होते तो आज यह नौबत नहीं आती। इसमें कहीं ना कहीं हमारा भी दोष है कि हम भी सुझाव देने के बाद अपने ही दिए हुए सुझाव पर बल नहीं दिए।

उच्च प्रबंधन पूरे प्लांट में चेक करवाए इमरजेंसी एग्जिट को

सीटू का मानना है कि हमें हर घटना दुर्घटना से सबक लेकर वह घटना दोबारा ना घटे इसे सुनिश्चित करना चाहिए। संयंत्र के अंदर आज भी ऐसे बहुत से जगह है जहां पर कोई बड़ी घटना हो जाने पर कर्मी हो या अधिकारी, उनको सुरक्षित निकालने के लिए इमरजेंसी एग्जिट नहीं है जिसे संयंत्र के स्तर पर उच्च प्रबंधन को पूरे प्लांट में चेक करवा कर इमरजेंसी एग्जिट बनाने के प्लान को अमल में लाना चाहिए।

सीटू की टीमें जांच करके प्रबंधन के सामने लाएंगी इमरजेंसी एग्जिट को

यूनियन नेता ने कहा कि सीटू नेतृत्व के द्वारा इस बात के लिए सीटू सदस्यों को सूचित किया जा रहा है कि वह अपने कार्य स्थल एवं आसपास के क्षेत्र में कोई घटना दुर्घटना होने पर वहां कार्य करने वाले सभी कामगारों को सुरक्षित बाहर निकाल लेने वाले इमरजेंसी एग्जिट की सूची बनाकर अपने विभागीय प्रबंधन को दें। उसकी प्रतिलिपि यूनियन के माध्यम से उच्च प्रबंधन को भी उपलब्ध करवाएं, ताकि ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके।

संयंत्र दुर्घटना में घायल ठेका कर्मियों के इलाज की पूरी जिम्मेदारी होनी चाहिए बीएसपी की

भिलाई इस्पात संयंत्र में किसी दुर्घटना में जब किसी बीएसपी ठेका कर्मी की मृत्यु हो जाती है तो जांच के पश्चात उनके परिजनों में से किसी एक को नियमानुसार बीएसपी में स्थाई नौकरी दिया जाता है। किंतु जब दुर्घटना में बीएसपी ठेका कर्मी चोटिल हो जाता है तो उनके प्राथमिक उपचार के बाद ठेकेदार से लेकर ऑपरेटिंग अथॉरिटी तक हर स्तर पर उस ठेका श्रमिक को समझाइश देते हुए उस पर दबाव बनाया जाता है कि उसका ईएसआईसी में पैसा कट रहा है। इसीलिए वह अपना अगला उच्च स्तरीय इलाज ईएसआईसी के माध्यम से करवाए, जबकि उसके इलाज की पूरी जिम्मेदारी बीएसपी द्वारा सुनिश्चित किया जाना चाहिए।