- सेल का मैनपॉवर कास्ट 12 प्रतिशत से अधिक है। वहीं, टाटा का 6 प्रतिशत, जिंदल का 2 प्रतिशत के नीचे है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के पर्सनल डिपार्टमेंट की नई पॉलिसी, आगे की कार्यवाही, मैनपॉवर आदि पर महामंथन शुरू हो गया है। दो दिनों तक चलने वाले कार्यक्रम का उद्घाटन भिलाई में हुआ है। सेल के डायरेक्टर पर्सनल केके सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए हैं। उद्घाटन समारोह को बीएसपी के डायरेक्टर इंचार्ज सीआर महापात्रा ने भी संबोधित किया।
साल 2030 तक स्टील इंडस्ट्री में सेल के एचआर की क्या जिम्मेदारी और भूमिका होगी, इसी पर मंथन किया जा रहा है। मैनपॉवर कास्ट, नई पॉलिसी आदि के लिए अलग से मीटिंग हो रही है। कुल मिलाकर स्पष्ट संदेश दे दिया गया है कि साल 2030 की प्लानिंग पर काम करने के लिए कठोर फैसले लेने हैं।
सेल को अपने अस्तित्व को लेकर मजबूती से लड़ना है। मौजूदा समय में सेल में नियमित कर्मचारी, अधिकारी और ठेका मजदूरों की संख्या मिलाकर करीब 99 हजार है। इस्पात मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से बोल दिया है कि मैनपॉवर को आधा कीजिए। इसमें 25 हजार से ज्यादा नियमित कर्मचारी-अधिकारी नहीं होने हैं। यानी 2030 जक किसी भी सूरत में सबको मिलाकर 50 हजार मैनपॉवर की संख्या करनी है।
सेल के अधिकारियों ने रिपोर्ट पेश करते हुए कहा-मैनपॉवर कास्ट 12 प्रतिशत से अधिक है। वहीं, टाटा का 6 प्रतिशत, जिंदल का 2 प्रतिशत के नीचे है। इसलिए सेल में मैनपॉवर आधा करना ही होगा। नई भर्ती होनी नहीं है। ठेका मजदूरों पर फोकस है। ऐसी सूरत में कामकाज को सुचारू रूप से चलवाने के लिए एचआर की भूमिका खास होनी वाली है।
भिलाई, बोकारो, राउरकेला, दुर्गापुर, इस्कोया आदि के एचआर से जुड़े अधिकारी मीटिंग में शामिल हुए हैं। दो दिवसीय कार्यक्रम में डायरेक्टर पर्सनल केके सिंह के अलावा ईडी एचआर राजीव पांडेय, ईडी एचआर बीएसपी पवन कुमार, राजश्री बनर्जी ईडी एचआर बोकारो, ईडी एचआर तरुण मिश्रा राउरकेला स्टील प्लांट, ईडी एचआर दुर्गापुर स्टील प्लांट सुष्मिता रॉय, उपेंद्र पाल सिंह सीजीएम इंचार्ज इस्को स्टील प्लांट बर्नपुर, सीजीएम एचआर भिलाई स्टील प्लांट संदीप माथुर, सीजीएम एचआर कारपोरेट आफिस हरिमोहन झा, प्रमोद कुमार सीजीएम एचआर, सीजीम एचआर श्रीमंत नारायण पंडा दुर्गापुर आदि शामिल हुए हैं।














