- रेल मिल की समस्याओं को लेकर सीटू मिला मुख्य महाप्रबंधक रेल मिल से।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन सीटू की टीम पहले भी मुख्य महाप्रबंधक (रेल स्ट्रक्चरल मिल) के समक्ष रेल मिल एवं मिल में कार्यरत कर्मियों से संबंधित मुद्दों को मौखिक एवं लिखित रूप से आपके सामने प्रस्तुत कर चुके थे, उनमें से कुछ का समाधान तो निकला है।
किंतु बहुत सी समस्याएं अभी भी यथावत हैं। इस पर चर्चा करने हेतु मुख्य महाप्रबंधक से मिलने पदाधिकारी पहुंचे। बैठक में सभी अनुभागों के महाप्रबंधक उपस्थित थे। वहीं, सीटू की ओर से रेल मिलकर संयोजन समिति एवं पदाधिकारी समिति के सदस्य उपस्थित थे।
रेस्टरूमों को बनाए सर्वे सुविधायुक्त
सीटू नेताओं ने कहा कि रेल मिल के सभी स्थाई एवं अस्थाई रेस्टरूमों का निरीक्षण कर अच्छे बेंच गद्दे लगा कर सर्वसुविधायुक्त बनाया जाय तथा सभी रेस्ट रूम में पंखे एवं कलर की समूची व्यवस्था की जाए।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों कार्यपालक निदेशक (संकार्य) के साथ हुई बैठक में उन्होंने कहा था कि संयंत्र के जिस भी विभाग से रेस्ट रूम को बेहतर बनाने के संदर्भ में उनके पास मांग आई है उन सभी रेस्टरूमों को दुरुस्त करने हेतु आवश्यक प्रक्रिया शुरू करवा दी गई है।
साथ ही साथ साइकिल स्टैंड का विस्तार करने की भी मांग रखी गई जिस पर मुख्य महाप्रबंधक ने सभी रेस्ट रूम का निरीक्षण कर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया तथा साइकिल स्टैंड हेतु समुचित जगह की उपलब्धता देखकर उचित कदम उठाने की बात कही।
सीटू ने कहा कि रेल मिल में बिल्डिंग एवं पूरे मिल में महिलाओँ के लिए कॉमन रूम नहीं है, जिसका समूचित व्यवस्था किया जाना चाहिए। साथ ही साथ महिलाओं के वॉशरूम का भी निरीक्षण कर आवश्यकता अनुसार निर्माण करवाया जाना चाहिए।
मैनपावर की समस्या का निकाले समाधान
सीटू ने मुख्य महाप्रबंधक से कहा कि सेवानिवृत होने के कारण लगातार तेजी से कम हो रहे स्थाई कर्मियों के बीच उच्च प्रबंधन ने 20% ठेका श्रमिकों को कम करने का आदेश जारी कर दिया है। किन्तु रेल मिल मैन्युअल मिल होने के कारण पर्याप्त मैनपॉवर के बिना उत्पादन करना संभव नहीं है। इसीलिए रेल मिल में मैनपॉवर का रिव्यू कर उचित समाधान निकाला जाना जरूरी है।
साथ ही साथ मिल के अंदर काम करने वाले ठेका श्रमिकों को भी उचित ट्रेनिंग का इंतजाम किया जाना आवश्यक है, क्योंकि अब ठेका श्रमिकों में भी लगातार पढ़े लिखे नौजवान साथी आ रहे हैं, उनको यदि उचित ट्रेनिंग दिया जाए तो मिल के उत्पादन एवं कार्य प्रणाली में उत्तरोत्तर फायदा होगा।
ठेका श्रमिकों से पैसा छीनने को रोकने में अक्षम नजर आते हैं ऑपरेटिंग अथॉरिटी
हाजिरी के अनुसार वेतन ना देना एवं हाजिरी के अनुसार वेतन देने के बाद उसमें से एक हिस्सा ठेका मजदूरों से वापस ले लेना वर्तमान समय में पूरे संयंत्र की नियति बन गई है, जिसके कारण न्यूनतम वेतन देने का दावा करने के बावजूद ठेका श्रमिकों को न्यूनतम वेतन नहीं मिलता है। ठेका श्रमिकों को जो वेतन दिया जाता है, उसमें से ठेकेदार या उनके सुपरवाइजर द्वारा पैसा वापस ले लिया जाता है।
यदि वे वापस देने से मना करते हैं तो उनका गेट पास किसी न किसी बहाने से वापस ले लिया जाता है। इसे रोकने में संयंत्र के अन्य विभागों के ऑपरेटिंग अथॉरिटी के साथ-साथ रेल मिल के ऑपरेटिंग अथॉरिटी अक्षम नजर आ रहे हैं।
इस तरह की व्यवस्था पर रोक लगाने के लिए उच्च प्रबंधन भी प्रयासरत है। किंतु कहीं ना कहीं रिवर्स ऑक्शन में ठेका उठाना, किसी भी तरह से कार्य को पूरा करवाने के लिए स्थानीय प्रबंधन का ठेकेदारों के साथ साठ गांठ, पैसा वापस लेने को रोकने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं बना पाना एवं ठेकेदार बदलने पर भी ठेका मजदूर की नौकरी पर कोई विपरीत प्रभाव ना पड़ने जैसी व्यवस्था को विकसित न कर पाने के कारण यह पैसा वापस लेना जारी है, जिस पर उचित कदम उठाया जाना जरूरी है।
दूर नहीं हो रही है स्पेयर की दिक्कतें
सीटू की टीम ने कहा कि रिपेयर के लिए आवश्यक स्पेयर के बारे में बताने के बावजूद भी नहीं मंगवाया जा रहा है। कई बार तो बिना स्पेयर के जैसे तैसे रिपेयर करके चलाने की नौबत आ जाती है। कभी-कभी तो लोकल प्रोक्योरमेंट वाले स्पेयर भी उपलब्ध नहीं हो पाते हैं, जिस पर मिल प्रबंधन को विशेष गौर करना चाहिए, ताकि उत्पादन की प्रक्रिया पर कोई बाधा ना आ सके।
सीटू नेता ने तो यहां तक कह दिया कि स्पेयर्स को खरीदने में कमीशन खोरी के मामले से भी इनकार नहीं किया जा सकता है, जिस पर सभी स्तर के प्रबंधन को ध्यान देना होगा।














