RINL के CMD बने MNVS प्रभाकर, राउरकेला और नगरनार स्टील प्लांट से गहरा नाता

MNVS Prabhakar Selected as CMD of RINL Previously CGM at Rourkela and Head of Nagarnar Steel Plant
  • Ministry of Steel के तहत गठित सर्च-कम-सेलेक्शन कमेटी (SCSC) ने Rashtriya Ispat Nigam Limited (RINL) के सीएमडी पद पर चयन किया।

सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली। Rashtriya Ispat Nigam Limited (RINL) के चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) पद के लिए एमएनवीएस प्रभाकर का चयन हो गया है। इनके नाम की सिफारिश की गई है। सेल राउरकेला स्टील प्लांट से कॅरियर शुरू करने वाले एमएनवीएस प्रभाकर साल 2021 में सीजीएम सर्विसेज बने थे।

इसके बाद बतौर ईडी प्रमोट होकर नगरनार स्टील प्लांट चले गए। फरवरी 2025 में वह नगरनार के हेड ऑफ प्लांट की कुर्सी पर बैठे। अब आरआइएनएल की कमान संभालेंगे। वहीं, इंटरव्यू में भिलाई स्टील प्लांट के ईडी वर्क्स राकेश कुमार भी शामिल हुए थे। प्रबल दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन बाजी प्रभाकर जी ने मार दी।

Ministry of Steel के तहत गठित सर्च-कम-सेलेक्शन कमेटी (SCSC) ने Rashtriya Ispat Nigam Limited (RINL) के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) पद के लिए एमएनवीएस प्रभाकर के नाम की सिफारिश की है। यह निर्णय शनिवार को इंटरव्यू में लिया गया।

कुल पांच वरिष्ठ अधिकारियों का इंटरव्यू लिया गया। इनमें विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनियों के कार्यकारी निदेशक शामिल थे। इंटरव्यू के बाद समिति ने MNVS Prabhakar, कार्यकारी निदेशक, NMDC Steel Limited के नाम को CMD पद के लिए अनुशंसित किया।

इन अधिकारियों का हुआ इंटरव्यू

MNVS Prabhakar: कार्यकारी निदेशक, NMDC Steel Limited
S. Subbaraj: कार्यकारी निदेशक, ASP, Steel Authority of India Limited
Bipin Kumar Giri: कार्यकारी निदेशक (माइंस डेवलपमेंट), Steel Authority of India Limited
Munna Prasad Singh: कार्यकारी निदेशक (माइंस), OGOM, CMLO, Steel Authority of India Limited
Rakesh Kumar: कार्यकारी निदेशक (वर्क्स), Bhilai Steel Plant, Steel Authority of India Limited

अब आगे क्या होगा

सर्च-कम-सेलेक्शन कमेटी की सिफारिश के बाद प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद ही Rashtriya Ispat Nigam Limited के CMD पद पर नियुक्ति का औपचारिक आदेश जारी होगा।

RINL देश की प्रमुख सरकारी इस्पात कंपनियों में शामिल है और इसका संचालन विशाखापट्टनम स्थित विजाग स्टील प्लांट के माध्यम से किया जाता है।