राउरकेला स्टील प्लांट की ऑन-साइट डिजास्टर मैनेजमेंट प्रणाली और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया गया।
- डीआईजी सीआईएसएफ ने नियमित मॉक ड्रिल को आपातकालीन तैयारी के लिए बेहद जरूरी बताया। अधिकारियों ने सक्रियता दिखाई।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। Steel Authority of India Limited के Rourkela Steel Plant में बुधवार को बड़े हादसे से निपटने की तैयारी को लेकर हाई अलर्ट मॉक ड्रिल आयोजित की गई। ऑक्सीजन प्लांट के प्रोपेन प्लांट-3 में प्रोपेन गैस में आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाकर संयुक्त आपदा प्रबंधन अभ्यास किया गया।
इस मॉक ड्रिल में National Disaster Response Force, State Disaster Response Force, Odisha Disaster Rapid Action Force, सीआईएसएफ, स्थानीय पुलिस और आरएसपी के फायर सर्विस एवं सेफ्टी इंजीनियरिंग विभाग की टीमों ने हिस्सा लिया। अभ्यास का उद्देश्य प्लांट की ऑन-साइट डिजास्टर मैनेजमेंट प्रणाली और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना था।
गैस रिसाव और आग की स्थिति पर रेस्क्यू ऑपरेशन
मॉक ड्रिल के दौरान प्रोपेन गैस में आग लगने की स्थिति बनाई गई। इसके बाद कॉम्बैट टीम, रेस्क्यू टीम और ऑक्सिलरी टीम ने मोर्चा संभाला। एनडीआरएफ, फायर सर्विस, ऑक्सीजन प्लांट और सीआईएसएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। ड्रिल के दौरान फायर टेंडर, सुरक्षा उपकरण और आपदा नियंत्रण प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। पूरे घटनाक्रम की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों ने की।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस मौके पर अतीश चंद्र सरकार, विष्णु स्वरूप, बिभू प्रसाद, विजय कुमार सहित एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, ओड्राफ, फैक्ट्री एवं बॉयलर्स विभाग तथा स्थानीय पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। आरएसपी की ओर से एस.एस. रायचौधरी, आशा कार्था, हीरालाल महापात्र समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
आपदा से निपटने की तैयारी पर जोर
अतीश चंद्र सरकार ने सभी टीमों के समन्वित प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के मॉक ड्रिल प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने भविष्य में प्लांट के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी ऐसे अभ्यास कराने पर जोर दिया।
वहीं, डीआईजी सीआईएसएफ ने नियमित मॉक ड्रिल को आपातकालीन तैयारी के लिए बेहद जरूरी बताया। अधिकारियों ने कहा कि संयुक्त अभ्यास से संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय सुनिश्चित होता है।
आरएसपी प्रबंधन के अनुसार, संयंत्र की रणनीतिक इकाइयों में समय-समय पर इस तरह के सुरक्षा अभ्यास आयोजित किए जाते हैं, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना या आपदा से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

