SAIL VR Scheme: Steel Authority of India Limited में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना का लाभ लेने के लिए 20 जुलाई तक आवेदन की समय सीमा।
- सेल प्रबंधन ने वीआर स्कीम के लिए 20 मई से 20 जुलाई 2026 तक आवेदन की समय-सीमा तय की है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल (Steel Authority of India Limited) में शुरू की गई वीआर स्कीम का असर पहले ही दिन से दिखाई देने लगा है। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VR Scheme) के लिए पहले दिन 100 से ज्यादा आवेदन जमा होने की बात कही जा रही है। सबसे ज्यादा चर्चा Bhilai Steel Plant की है, जहां 34 अधिकारियों और कर्मचारियों ने सेल से अलग होने का फैसला कर लिया है।
सेल भिलाई स्टील प्लांट, बोकारो, राउरकेला, इस्को स्टील प्लांट बर्नपुर, दुर्गापुर, सेलम, विश्वेश्वरैया, अलॉय स्टील प्लांट, चंद्रपुर, खदान, सीएमओ, कारपोरेट आफिस आदि से वीआर के लिए आवेदन 20 जुलाई तक आएंगे।
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बताया जा रहा है कि जिन कर्मचारियों और अधिकारियों ने ऑनलाइन आवेदन कर दिया है, उन्हें अब अपने फैसले से पीछे हटने का मौका नहीं मिलेगा। आवेदन जमा होते ही सेल प्रबंधन संबंधित कार्मिकों के सेवा लाभ और भुगतान का हिसाब-किताब तैयार करने में जुट जाएगा।
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सेल प्रबंधन ने वीआर स्कीम के लिए 20 मई से 20 जुलाई 2026 तक आवेदन की समय-सीमा तय की है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के पहले ही दिन जिस तेजी से आवेदन सामने आए हैं, उससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में कर्मचारी और अधिकारी वीआर का विकल्प चुन सकते हैं।
सेल का मैनपॉवर कास्ट कम करने के लिए इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक ने खुद मोर्चा संभाल रखा है। सीएम और डायरेक्टर स्तर पर लगातार मीटिंग का दौर चल रहा है। बड़ी संख्या में सीआर और वीआर के जरिए मैनपॉवर घटाने की योजना है। सीआर से पहले वीआर स्कीम को लांच किया गया है।
Steel Authority of India Limited ने इस योजना के तहत 1000 अधिकारियों और कर्मचारियों को वीआर देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यही वजह है कि सेल के विभिन्न संयंत्रों और यूनिटों में इस योजना को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
कार्मिकों के बीच यह भी चर्चा है कि भविष्य की कार्यप्रणाली, विभागीय बदलाव और नई नीतियों को देखते हुए कई कर्मचारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को बेहतर विकल्प मान रहे हैं। वहीं, कुछ कर्मचारी अभी योजना की शर्तों और लाभों का अध्ययन करने में जुटे हैं। चर्चा ये भी है कि योजना से नुकसान हो रहा है। इसलिए बहुत से लोग चाहकर भी आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।

