केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में जानकारी दिया।
- कुछ ग्रेड के स्टील जो बीआईएस मानकों के अंतर्गत नहीं आते हैं, उन्हें इस्पात मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के साथ आयात किया जा सकता है।
सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने अंतिम उपयोगकर्ताओं द्वारा गुणवत्ता वाले स्टील को उपयोग में लाने के लिए, विभिन्न ग्रेड के स्टील के लिए मानक तैयार किए हैं।
इसके अनुसार इस्पात मंत्रालय ने इस्पात गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) जारी किया जो ये सुनिश्चित करता है कि केवल क्यूसीओ के तहत अधिसूचित प्रासंगिक बीआईएस मानक के अनुरूप गुणवत्ता वाले स्टील की अनुमति है और घटिया स्टील उत्पादों की अनुमति नहीं है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल गुणवत्ता वाले स्टील को ही अंतिम उपयोगकर्ताओं और आम जनता तक उपलब्ध कराया जाए।
क्यूसीओ घरेलू स्टील उत्पादकों के साथ-साथ देश में आयातित स्टील दोनों पर लागू होता है। क्यूसीओ उपयोगकर्ताओं को गुणवत्ता वाले स्टील की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक उपाय है न कि स्टील आयात को नियंत्रित करने के लिए।
हालांकि कुछ ग्रेड के स्टील जो बीआईएस मानकों के अंतर्गत नहीं आते हैं, उन्हें इस्पात मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के साथ आयात किया जा सकता है।
बीआईएस द्वारा हितधारकों के परामर्श के बाद स्टील की गुणवत्ता के लिए मानक बनाए जाते हैं। इस्पात मंत्रालय बीआईएस मानकों को लागू करने के लिए क्यूसीओ जारी करता है। यह एक सतत प्रक्रिया है और अब तक इस्पात मंत्रालय द्वारा 151 क्यूसीओ जारी किए जा चुके हैं। यह जानकारी केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।








