जीएम इंचार्ज (एचआर-सर्विसेज) एम. मधुसूदन का कोक ओवन ट्रांसफर किया गया। इससे नाराज जीएम इंचार्ज ने इस्तीफा दे दिया।
- एम. मधुसूदन राव ने 11 जून को इस्तीफा सौंपा था।
- 12 जून 2026 से कंपनी की सेवाओं से कार्यमुक्त माना गया है।
- रिटायरमेंट में महज 3 माह का समय बचा था।
- आरआइएनएल हादसे के बाद अधिकारी रडार पर आ गए थे।
सूचनाजी न्यूज, विशाखापत्तनम। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) विशाखापत्तनम स्टील प्लांट के मानव संसाधन (HR) विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के इस्तीफे को मंजूरी दे दी गई है। हादसे के बाद कार्य में लापरवाही आदि को लेकर काफी विवाद हुआ। डायरेक्टर प्रोजेक्ट एवं अतिरिक्त प्रभार डायरेक्टर पर्सनल एके बागची जीएम के रवैये को लेकर खासा नाराज थे। कम्युनिकेशन गैप आदि का आरोप लगाया गया है। इसी बीच अधिकारी का कोक ओवन ट्रांसफर कर दिया गया। इससे नाराज जीएम इंचार्ज ने इस्तीफा दे दिया। जबकि रिटायरमेंट को महज 3 माह बचा था।
आरआइएनएल प्रबंधन ने इसे स्वीकार भी कर लिया है। जीएम इंचार्ज (एचआर-सेर्विसेज) एम. मधुसूदन के इस्तीफे की स्वीकृति के बाद कंपनी की सेवाओं से मुक्त कर दिया गया है। 13 जून को जारी आदेश में बताया गया है कि एम. मधुसूदन राव ने 11 जून 2026 को अपना इस्तीफा सौंपा था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद उन्हें 12 जून 2026 (पूर्वाह्न) से कंपनी की सेवाओं से कार्यमुक्त माना गया है।
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कंपनी की संपत्तियां लौटाने के निर्देश
आदेश में कहा गया है कि श्री राव को अपना पहचान पत्र, ई-पास, मेडिकल रिकॉर्ड, स्वयं एवं आश्रित परिवार के सदस्यों की पहचान पुस्तिकाएं तथा कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए टेलीफोन एवं मोबाइल कनेक्शन सहित अन्य कंपनी संपत्तियां संबंधित विभाग को सौंपनी होंगी।
बकाया राशि की वसूली का अधिकार सुरक्षित
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यदि श्री राव के ऊपर किसी प्रकार की देनदारी शेष रहती है, तो उसे वसूलने का अधिकार आरआईएनएल के पास सुरक्षित रहेगा। साथ ही, अंतिम भुगतान एवं अन्य देयकों का निपटारा कंपनी के नियमों के अनुसार किया जाएगा।

